दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों, मेटा (फेसबुक-इंस्टाग्राम) और अल्फाबेट (गूगल-यूट्यूब) के लिए एक बड़ी कानूनी मुसीबत खड़ी हो गई है। अमेरिका के लॉस एंजिल्स की एक जूरी ने एक ऐतिहासिक फैसले में इन दोनों कंपनियों को एक युवती के अवसाद (Depression) और आत्मघाती विचारों के लिए उत्तरदायी माना है। जूरी ने आदेश दिया है कि दोनों कंपनियाँ मिलकर पीड़ित को 6 मिलियन डॉलर (लगभग 50 करोड़ रुपये) का हर्जाना भरें।
क्या है पूरा मामला?
एक युवती ने इन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ मुकदमा दायर किया था। उसका आरोप था कि वह कम उम्र में ही इंस्टाग्राम और यूट्यूब की ‘लत’ (Addiction) का शिकार हो गई थी। इस लत के कारण वह गंभीर मानसिक स्वास्थ्य संकट, अवसाद और आत्महत्या के विचारों से जूझने लगी।
जूरी ने माना कि कंपनियों ने अपने प्लेटफॉर्म के डिज़ाइन और एल्गोरिदम के माध्यम से युवा उपयोगकर्ताओं को नुकसान पहुँचाया है। यह फैसला इसलिए भी खास है क्योंकि यह टेक कंपनियों को मिलने वाली कानूनी सुरक्षा (Liability Shield) को सीधे चुनौती देता है।
टेक लायबिलिटी शील्ड (Section 230) पर संकट
अब तक टेक कंपनियाँ अमेरिका के ‘कम्युनिकेशंस डिसेंसी एक्ट’ की धारा 230 के तहत सुरक्षित रही हैं। यह कानून ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को उनके द्वारा होस्ट किए गए कंटेंट के लिए कानूनी उत्तरदायित्व से बचाता है। लेकिन इस मामले में, वादी पक्ष ने तर्क दिया कि यह केवल कंटेंट का मामला नहीं है, बल्कि कंपनियों के ‘प्लेटफॉर्म डिजाइन’ का है, जो जानबूझकर लत लगाने वाला बनाया गया है।
मेटा और गूगल की प्रतिक्रिया
दोनों कंपनियों ने इन आरोपों का खंडन किया है।
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मेटा के प्रवक्ता ने कहा कि वे इस फैसले से असहमत हैं और इसके खिलाफ अपील करेंगे। उन्होंने दावा किया कि कंपनी युवाओं के लिए सुरक्षित वातावरण बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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गूगल ने भी लॉस एंजिल्स मामले में अपील करने की योजना बनाई है, हालांकि उन्होंने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक विस्तृत टिप्पणी नहीं दी है।
एक और झटका: न्यू मेक्सिको मामला
इसी सप्ताह एक अन्य मामले में, न्यू मेक्सिको की एक जूरी ने मेटा को 375 मिलियन डॉलर का हर्जाना देने का आदेश दिया। इसमें पाया गया कि कंपनी ने अपने उत्पादों की सुरक्षा के बारे में उपयोगकर्ताओं को गुमराह किया और बच्चों के यौन शोषण को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों को रोकने में विफल रही।
भविष्य के लिए संकेत
विशेषज्ञों का मानना है कि ये फैसले आने वाले समय में टेक कंपनियों के खिलाफ मुकदमों की बाढ़ ला सकते हैं। वर्तमान में अमेरिका की विभिन्न अदालतों में 2,400 से अधिक मामले लंबित हैं, जो यह दावा करते हैं कि सोशल मीडिया डिजाइन ने किशोरों और युवाओं के बीच मानसिक स्वास्थ्य संकट पैदा किया है।
