वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साल 2027 के लिए एक ऐसा रक्षा बजट पेश किया है जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। 1500 अरब डॉलर (1.5 ट्रिलियन डॉलर) की भारी-भरकम राशि के साथ यह अमेरिका के इतिहास का सबसे बड़ा रक्षा प्रस्ताव है। यह बजट न केवल अमेरिकी सैन्य शक्ति के पुनर्गठन का संकेत है, बल्कि वैश्विक भू-राजनीतिक संतुलन को भी बदलने की क्षमता रखता है।
बजट के मुख्य बिंदु: ‘अमेरिका फर्स्ट’ से ‘मिलिट्री फर्स्ट’ तक
ट्रंप प्रशासन का यह बजट पूरी तरह से सैन्य प्रभुत्व पर केंद्रित है। बजट की मुख्य विशेषताओं को निम्न बिंदुओं में समझा जा सकता है:
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सैन्य निवेश पर अभूतपूर्व जोर: घरेलू कार्यक्रमों (Social Programs) की तुलना में सैन्य निवेश को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
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युद्ध की तैयारी का संकेत: इस भारी वृद्धि को ईरान के खिलाफ अमेरिका के नेतृत्व वाले संभावित युद्ध और पेंटागन की सैन्य मजबूती से जोड़कर देखा जा रहा है।
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घरेलू खर्चों में कटौती: सैन्य बजट की भरपाई के लिए गैर-रक्षा कार्यक्रमों और घरेलू कल्याणकारी योजनाओं के बजट में 10 फीसदी की कटौती का प्रस्ताव है।
बड़ा उलटफेर: ‘डे-केयर’ और व्यक्तिगत योजनाओं से पल्ला झाड़ा
लेख की सबसे विवादास्पद बात ट्रंप का वह बयान है जिसमें उन्होंने व्यक्तिगत और सामाजिक जिम्मेदारियों को संघीय सरकार के दायरे से बाहर बताया है। ट्रंप ने स्पष्ट कहा:
“हम युद्ध लड़ रहे हैं। हम ‘डे-केयर’ (देखभाल केंद्र) जैसी चीजों की जिम्मेदारी नहीं उठा सकते। चिकित्सा देखभाल और व्यक्तिगत योजनाएं राज्य स्तर पर संभाली जानी चाहिए।”
यह बयान दर्शाता है कि अमेरिका अब एक ‘कल्याणकारी राज्य’ (Welfare State) की छवि से हटकर पूरी तरह से एक ‘सुरक्षा केंद्रित राज्य’ (Security-focused State) बनने की राह पर है।
वैश्विक और घरेलू प्रभाव (Impact Analysis)
1. हथियारों की वैश्विक होड़
अमेरिका के इस कदम से चीन और रूस जैसे प्रतिद्वंद्वी देशों पर भी अपना रक्षा बजट बढ़ाने का दबाव बढ़ेगा। इससे दुनिया भर में ‘आर्म्स रेस’ तेज हो सकती है।
2. अमेरिकी जनता पर असर
घरेलू कार्यक्रमों जैसे डे-केयर, स्वास्थ्य और स्थानीय विकास योजनाओं में कटौती से आम अमेरिकी नागरिकों, विशेषकर निम्न और मध्यम वर्ग पर वित्तीय बोझ बढ़ सकता है। संघीय सरकार ने इन जिम्मेदारियों को ‘प्रांतीय सरकारों’ पर छोड़ दिया है, जिनके पास पहले से ही संसाधनों की कमी है।
3. भू-राजनीतिक अस्थिरता
ईरान के खिलाफ युद्ध के संकेत और सैन्य बजट में इतनी बड़ी वृद्धि यह बताती है कि आने वाले समय में मध्य-पूर्व (Middle East) में तनाव और अधिक गहरा सकता है।
ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य: गिरावट और सुधार के प्रयास
दशकों बाद अमेरिका ने अपने रक्षा बजट में इतनी बड़ी एकमुश्त वृद्धि की है। विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप प्रशासन पिछले कुछ वर्षों में अमेरिकी सैन्य प्रभाव में आई कथित ‘गिरावट’ को इस निवेश के जरिए सुधारना चाहता है। सेना के आधुनिकीकरण और परमाणु हथियारों के बेड़े को नया रूप देना इस बजट का मुख्य उद्देश्य है।
संपादकीय दृष्टिकोण: न्यूज ड्रिफ्ट की राय
अमेरिका का यह रक्षा बजट एक दोधारी तलवार है। एक तरफ यह उसे दुनिया की सबसे बड़ी सैन्य शक्ति बनाए रखने का दावा करता है, वहीं दूसरी तरफ यह वैश्विक शांति और घरेलू कल्याण के लिए बड़ा खतरा भी पैदा कर सकता है। अगर कांग्रेस इसे मंजूरी देती है, तो 2027 का वर्ष वैश्विक राजनीति के लिए एक ‘टर्निंग पॉइंट’ साबित होगा।
