फ्रांस के ‘वॉ-दे-सर्ने एबे’ में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान G7 देशों के विदेश मंत्रियों ने शुक्रवार को ईरान युद्ध में नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचों पर हो रहे हमलों को तत्काल रोकने का आह्वान किया।
प्रमुख बिंदु और संयुक्त बयान
बैठक के दूसरे दिन जारी एक संयुक्त बयान में मंत्रियों ने क्षेत्रीय भागीदारों, नागरिक आबादी और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर संघर्ष के प्रभाव को कम करने के महत्व पर जोर दिया। बयान के अनुसार:
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मंत्रियों ने वैश्विक आर्थिक झटकों (ऊर्जा, उर्वरक और वाणिज्यिक आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान) को कम करने के लिए आपसी सहयोग और साझेदारी पर ध्यान केंद्रित किया।
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उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में नौवहन की सुरक्षित और टोल-मुक्त स्वतंत्रता बहाल करने की आवश्यकता को भी दोहराया।
IFRC की चिंताजनक रिपोर्ट: 1,900 से अधिक मौतें
‘इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ रेड क्रॉस एंड रेड क्रेसेंट सोसाइटीज’ (IFRC) की मारिया मार्टिनेज ने बताया कि अमेरिकी और इजरायली हमलों की शुरुआत के बाद से ईरान में अब तक 1,900 से अधिक लोग मारे गए हैं और लगभग 20,000 लोग घायल हुए हैं। ईरानी रेड क्रेसेंट वर्तमान में देश भर में काम करने वाला एकमात्र राष्ट्रव्यापी मानवीय संगठन बना हुआ है।
मार्को रुबियो का बयान
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने अपने G7 समकक्षों से कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल सैन्य युद्ध कुछ ही हफ्तों में समाप्त हो जाना चाहिए। सूत्रों के अनुसार, रुबियो ने फिलहाल होर्मुज जलडमरूमध्य को साफ करने के लिए जहाजों की मांग नहीं की है, बल्कि सहयोगियों से युद्ध के बाद की भूमिका के लिए तैयार रहने को कहा है।
G7 के सदस्य: इस समूह में संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली और जापान शामिल हैं, साथ ही यूरोपीय संघ भी इसका हिस्सा है।


