मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश के विकास, कृषि और ऊर्जा क्षेत्र को लेकर कई बड़े और दूरगामी फैसलों पर मुहर लगाई गई है। सरकार ने जहाँ एक ओर किसानों की आय बढ़ाने के लिए गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में वृद्धि की है, वहीं दूसरी ओर बुनियादी ढांचे और स्वच्छ ऊर्जा पर भी विशेष जोर दिया है।
1. किसानों को बड़ी राहत: ₹2,585 प्रति क्विंटल हुआ गेहूं का भाव
सरकार ने 2026 के खरीद सीजन के लिए गेहूं के MSP में ₹160 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की है।
-
नई दर: अब किसानों को ₹2,425 के बजाय ₹2,585 प्रति क्विंटल का भाव मिलेगा।
-
खरीद प्रक्रिया: सरकारी खरीद 30 मार्च से शुरू होकर 15 जून, 2026 तक चलेगी।
-
लक्ष्य: राज्य भर में 6,500 खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनका लक्ष्य 50 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद करना है। पारदर्शिता के लिए किसानों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल पहले ही खोल दिए गए हैं।
2. गोरखपुर बनेगा ‘सोलर सिटी’: चिलुआ ताल में फ्लोटिंग सोलर प्लांट
अयोध्या के बाद अब गोरखपुर को ‘सोलर सिटी’ के रूप में विकसित करने की योजना पर काम शुरू हो गया है।
-
20 मेगावाट का प्लांट: कैबिनेट ने गोरखपुर के चिलुआ ताल में 20 मेगावाट के फ्लोटिंग (तैरते हुए) सोलर पावर प्लांट की स्थापना को मंजूरी दी है।
-
निष्पादन: इस प्रोजेक्ट को ‘कोल इंडिया लिमिटेड’ द्वारा पूरा किया जाएगा। ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने बताया कि इससे राज्य में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।
3. लखनऊ की ऐतिहासिक धरोहरों का कायाकल्प: होटल के रूप में विकसित होंगे ‘छत्तर मंजिल’ और ‘रौशन-उद-दौला कोठी’
लखनऊ की दो सबसे प्रसिद्ध ऐतिहासिक इमारतों— छत्तर मंजिल और रौशन-उद-दौला कोठी को ‘अडैप्टिव रीयूज’ (Adaptive Reuse) मॉडल के तहत पुनर्जीवित किया जाएगा।
-
पीपीपी मॉडल: इन्हें पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत हेरिटेज होटल के रूप में विकसित किया जाएगा।
-
पर्यटन को बढ़ावा: इसका उद्देश्य ऐतिहासिक बनावट को संरक्षित करते हुए इन्हें व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य बनाना और पर्यटन को बढ़ावा देना है।
4. ‘नव्युग पालिका योजना’ और ऊर्जा क्षेत्र के अन्य निर्णय
-
नव्युग पालिका योजना: नगरीय विकास विभाग के तहत इस योजना के जरिए 58 जिला मुख्यालयों के नगर निकायों को ‘स्मार्ट अर्बन सेंटर’ के रूप में बदला जाएगा।
-
कोयला खदान विकास: कैबिनेट ने झारखंड के दुमका जिले में स्थित ‘पछवारा कोयला खदान’ के विकास के लिए ₹2,242.90 करोड़ की मंजूरी दी है। इस कोयले का उपयोग ‘घाटमपुर थर्मल पावर प्लांट’ की इकाइयों को चलाने के लिए किया जाएगा, जिससे बिजली उत्पादन की लागत में करीब 80 पैसे प्रति यूनिट की कमी आएगी।
News Drift Analysis: कैबिनेट के ये फैसले स्पष्ट करते हैं कि उत्तर प्रदेश सरकार आगामी चुनावों और आर्थिक लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए कृषि कल्याण और आधुनिक बुनियादी ढांचे के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है। विशेषकर लखनऊ की धरोहरों को होटलों में बदलना पर्यटन विभाग के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
