उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के फाफामऊ क्षेत्र में सोमवार को एक भीषण हादसा हो गया। यहाँ एक कोल्ड स्टोरेज इकाई की छत का हिस्सा अचानक ढह जाने से मलबे में दबकर कम से कम 4 मजदूरों की जान चली गई, जबकि 12 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। प्रशासन ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।
कैसे हुआ हादसा?
पुलिस और प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार को जब मजदूर कोल्ड स्टोरेज के भीतर काम कर रहे थे, तभी इमारत का एक कोना ढह गया, जिससे देखते ही देखते आधी संरचना मलबे में तब्दील हो गई।
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रेस्क्यू ऑपरेशन: घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड के साथ-साथ NDRF और SDRF की टीमें मौके पर पहुंचीं। मलबे के नीचे दबे लोगों को निकालने के लिए रात भर गहन रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया।
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हताहतों की स्थिति: कुल 16 लोगों को मलबे से निकालकर अस्पताल पहुँचाया गया, जिनमें से 4 को मृत घोषित कर दिया गया। शेष 12 घायलों का उपचार जारी है।
पूर्व विधायक के स्वामित्व में थी सुविधा
जांच में यह सामने आया है कि यह कोल्ड स्टोरेज समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक अंसार अहमद का है। पुलिस और जिला मजिस्ट्रेट मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि हालांकि कोल्ड स्टोरेज आवश्यक लाइसेंस लेकर चलाया जा रहा था, लेकिन अब इस बात की जांच की जाएगी कि लाइसेंस किस आधार पर दिया गया था। शुरुआती जांच में निर्माण मानकों (Construction Standards) की अनदेखी की बात सामने आ रही है।
मुआवजे का ऐलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है:
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मृतकों के परिजन: PM नेशनल रिलीफ फंड और राज्य सरकार की ओर से मृतकों के परिवारों को ₹2-2 लाख की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया गया है।
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घायल: घायलों के उपचार के लिए ₹50,000 की सहायता राशि देने की घोषणा की गई है।
प्रशासनिक कार्रवाई
प्रयागराज पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार ने कहा कि हादसे के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए जांच टीम गठित कर दी गई है। जिला प्रशासन ने सख्त निर्देश दिए हैं कि निर्माण में लापरवाही पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
