हाल ही में जारी हुई ‘विश्व प्रसन्नता रिपोर्ट 2026’ के अनुसार, फिनलैंड ने एक बार फिर दुनिया के सबसे खुशहाल देश का खिताब अपने नाम किया है। यह लगातार नौवां साल है जब फिनलैंड इस सूची में शीर्ष पर बना हुआ है। हालांकि, रिपोर्ट ने एक चिंताजनक पहलू पर भी ध्यान आकर्षित किया है—युवाओं की मानसिक सेहत पर सोशल मीडिया का बढ़ता नकारात्मक प्रभाव।
मुख्य बिंदु: रैंकिंग और वैश्विक रुझान
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फिनलैंड का दबदबा: फिनलैंड के साथ-साथ अन्य नॉर्डिक देश जैसे आइसलैंड, डेनमार्क, स्वीडन और नॉर्वे भी शीर्ष 10 में शामिल हैं।
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सबसे कम खुशहाल देश: अफगानिस्तान एक बार फिर दुनिया का सबसे कम खुशहाल देश रहा, जिसके बाद अफ्रीकी देश सिएरा लियोन और मलावी का स्थान है।
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कोस्टा रिका की लंबी छलांग: कोस्टा रिका पहली बार शीर्ष पांच देशों में शामिल हुआ है। 2023 में 23वें स्थान पर रहने वाला यह देश अब चौथे स्थान पर पहुंच गया है।
सोशल मीडिया और युवाओं की चिंता
रिपोर्ट में ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के ‘वेलबीइंग रिसर्च सेंटर’ ने चेतावनी दी है कि पश्चिमी यूरोप, अमेरिका और कनाडा जैसे देशों में युवाओं (25 वर्ष से कम आयु) के बीच जीवन की संतुष्टि में भारी गिरावट आई है।
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किशोरी लड़कियों पर असर: रिपोर्ट के अनुसार, जो किशोर लड़कियां प्रतिदिन पांच घंटे से अधिक सोशल मीडिया का उपयोग करती हैं, उनके जीवन की संतुष्टि में उन लड़कियों की तुलना में भारी गिरावट देखी गई है जो इसका कम उपयोग करती हैं।
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एल्गोरिथम का खतरा: शोधकर्ताओं ने उन प्लेटफॉर्म्स को सबसे अधिक समस्याग्रस्त बताया है जिनमें ‘एल्गोरिथमिक फीड’ और ‘इंफ्लुएंसर्स’ का बोलबाला है, क्योंकि ये सामाजिक तुलना (Social Comparison) को बढ़ावा देते हैं।
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आदर्श समय: डेटा से पता चलता है कि जो युवा दिन में एक घंटे से कम सोशल मीडिया का उपयोग करते हैं, वे मानसिक रूप से सबसे अधिक खुश पाए गए।
फिनलैंड की खुशी का राज
फिनिश राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने इस उपलब्धि पर कहा कि खुशी के पीछे कोई “जादुई मंत्र” नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी सामाजिक व्यवस्था का परिणाम है जो स्वतंत्रता, समानता, न्याय और मजबूत सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करती है। धन का समान वितरण और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं भी फिनलैंड की सफलता के प्रमुख स्तंभ हैं।
रिपोर्ट का आधार: यह रैंकिंग लगभग 140 देशों के 1,00,000 लोगों के सर्वेक्षण पर आधारित है, जहाँ उत्तरदाताओं से उनके जीवन को 0 से 10 के पैमाने पर आंकने के लिए कहा गया था।
