उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के फाफामऊ इलाके में सोमवार को हुए भीषण कोल्ड स्टोरेज हादसे में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस जांच में पुष्टि हुई है कि यह हादसा अमोनिया गैस चैंबर में हुए विस्फोट के कारण हुआ था। इस मामले में पुलिस ने कोल्ड स्टोरेज के मालिक और उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री अंसार अहमद समेत उनके दो सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया है।
लापरवाही ने ली 4 मजदूरों की जान
फाफामऊ स्थित इस कोल्ड स्टोरेज की इमारत सोमवार को अचानक भरभराकर गिर गई थी। मलबे में दबने से 4 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 13 अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। मृतकों की पहचान बिहार निवासी सानोज उर्फ बिल्लर चौधरी (36), मसिंदर कुमार (20), ज्योतिष कुमार (22) और स्थानीय निवासी जगदीश (42) के रूप में हुई है।
पुलिस जांच में चौंकाने वाले खुलासे
पुलिस उपायुक्त (DCP) कुलदीप सिंह के अनुसार, जांच में कई गंभीर खामियां और लापरवाही सामने आई हैं:
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क्षमता से अधिक स्टोरेज: यूनिट अपनी तय सीमा से कहीं ज्यादा क्षमता पर संचालित की जा रही थी।
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गैस रिसाव और विस्फोट: कूलिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले अमोनिया गैस चैंबर में दबाव बढ़ने से ब्लास्ट हुआ, जिससे पूरी संरचना ढह गई।
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सुरक्षा मानकों की अनदेखी: 25 साल पुराने इस प्लांट का रखरखाव बेहद खराब स्थिति में था। वहां कोई योग्य तकनीशियन नियुक्त नहीं था और न ही मजदूरों को ऐसी आपात स्थितियों से निपटने की ट्रेनिंग दी गई थी।
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खतरनाक स्थिति: पुलिस ने बताया कि परिसर को अंदर से बंद रखा गया था, जिससे गैस रिसाव के दौरान स्थिति और भी भयावह हो गई।
पूर्व मंत्री पर दर्ज हुई FIR
फाफामऊ पुलिस स्टेशन में 70 वर्षीय अंसार अहमद और उनके करीबियों के खिलाफ हत्या (धारा 302 के समकक्ष), लापरवाही से मौत, गलत तरीके से बंधक बनाने और ज्वलनशील पदार्थों के असुरक्षित रखरखाव की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने अहमद के साथ उनके सहयोगी मंजूर और अलाउद्दीन को भी हिरासत में लिया है।
इलाके में फैला डर और दहशत
विस्फोट के बाद जहरीली अमोनिया गैस के रिसाव से आसपास के रहवासियों में हड़कंप मच गया। लोगों ने आंखों में जलन, पानी आने और सांस लेने में कठिनाई की शिकायत की। गैस का प्रभाव इतना तीव्र था कि स्थानीय लोगों को लंबे समय तक इसके स्वास्थ्य प्रभावों का डर सता रहा है।
संपादक की टिप्पणी: प्रयागराज प्रशासन ने जिले के अन्य कोल्ड स्टोरेज यूनिट्स की भी सुरक्षा जांच के आदेश दिए हैं ताकि भविष्य में ऐसी मानवीय चूक से बचा जा सके।
