नई दिल्ली, 18 फरवरी (न्यूज़ ड्रिफ्ट)
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत अपने ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने के लिए प्रयासरत है और इसी क्रम में अमेरिका से उच्च गुणवत्ता वाला कोकिंग कोयला आयात करने की योजना पर विचार किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि भारत कच्चे तेल और इस्पात उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले कोकिंग कोयले के स्रोतों में विविधता लाना चाहता है, जिससे देश की ऊर्जा और औद्योगिक आवश्यकताओं को बेहतर तरीके से पूरा किया जा सके। अमेरिका से कोकिंग कोयला आयात करने की इच्छा इसी रणनीति का हिस्सा है।
ऊर्जा और कच्चे माल में विविधता पर जोर
पीयूष गोयल ने कहा कि भारत अपने कच्चे तेल के स्रोतों में विविधता लाने की दिशा में काम कर रहा है और इसी तरह कोकिंग कोयले के मामले में भी विभिन्न देशों से आपूर्ति सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि कोकिंग कोयले के लिए भारत वर्तमान में सीमित भौगोलिक क्षेत्रों पर निर्भर है, जिससे कीमतों में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रहती है। ऐसे में उच्च गुणवत्ता वाले अमेरिकी कोयले का आयात एक स्थिर विकल्प हो सकता है।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौता और संभावनाएं
मंत्री ने बताया कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में प्रयास जारी हैं। प्रस्तावित समझौते के तहत भारत अगले पांच वर्षों में अमेरिका से 500 अरब डॉलर के सामान खरीदने की योजना बना रहा है, जिसमें ऊर्जा क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
इस समझौते के मसौदे को अंतिम रूप देने के लिए भारतीय प्रतिनिधिमंडल जल्द ही अमेरिका का दौरा करेगा। साथ ही, इस पर हस्ताक्षर होने की संभावना भी जताई गई है।
तकनीकी सहयोग की संभावनाएं
पीयूष गोयल ने कहा कि अमेरिका ऐसे कई उत्पाद उपलब्ध करा सकता है जिनकी भारत को आर्थिक विकास के लिए तत्काल आवश्यकता है। इसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (GPU), डेटा सेंटर उपकरण और उच्च प्रदर्शन वाले कंप्यूटिंग सिस्टम शामिल हैं।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भारत इन क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है और तकनीकी सहयोग से देश की क्षमताओं को और मजबूती मिल सकती है।
घरेलू उद्योग पर प्रभाव
मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ उत्पाद ऐसे हैं जिनमें अमेरिका प्रतिस्पर्धा नहीं कर सकता, जबकि कुछ क्षेत्रों में अमेरिका तकनीकी और पूंजी के रूप में भारत के लिए एक महत्वपूर्ण सहयोगी बन सकता है।
उन्होंने मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि आने वाले पांच वर्षों में भारत में विमानन क्षेत्र की मांग तेजी से बढ़ेगी, जिसके चलते अमेरिका से विमान खरीद की आवश्यकता भी बढ़ेगी।
शुल्क और व्यापारिक संबंध
उन्होंने बताया कि मार्च माह में अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए 25 प्रतिशत शुल्क को हटाने की घोषणा की गई थी। इससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
गोयल ने कहा कि भारत ऐसे कदम उठा रहा है जिससे तेल आयात में संतुलन बनाया जा सके और आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित की जा सके।
भारतीय आईटी कंपनियों पर प्रभाव
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के विकास को लेकर उठ रही चिंताओं के बीच गोयल ने भारतीय आईटी कंपनियों पर इसके प्रभाव को लेकर आशावादी रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि एआई के क्षेत्र में प्रगति के लिए भारतीय कंपनियों की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी और वे इस बदलाव के साथ तालमेल बैठाने में सक्षम हैं।
भारत ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक विकास के लिए अपने आयात स्रोतों में विविधता लाने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। अमेरिका से उच्च गुणवत्ता वाले कोकिंग कोयले का आयात इसी रणनीति का हिस्सा है, जो आने वाले समय में भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों को और मजबूत कर सकता है।
