नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) के पहले चरण के भव्य उद्घाटन के साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आर्थिक परिदृश्य में एक नई क्रांति की शुरुआत हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शनिवार को किए गए इस उद्घाटन ने न केवल जेवर को वैश्विक मानचित्र पर स्थापित कर दिया है, बल्कि स्थानीय रियल एस्टेट बाजार में भारी उथल-पुथल मचा दी है।
संपत्तियों की कीमतों में रिकॉर्ड वृद्धि
एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्रों, विशेषकर जेवर और टप्पल जैसे इलाकों में जमीनों की कीमतों में अभूतपूर्व उछाल देखा जा रहा है। स्थानीय डीलरों के अनुसार, पिछले सात वर्षों में कीमतें कई गुना बढ़ गई हैं। उदाहरण के तौर पर, टप्पल में जो जमीन पहले ₹3 लाख प्रति हेक्टेयर पर उपलब्ध थी, उसकी कीमत अब बढ़कर ₹26 लाख प्रति हेक्टेयर तक पहुंच गई है।
रियल एस्टेट का नया ‘हब’ बना जेवर
एक समय जो इलाका केवल कृषि भूमि के लिए जाना जाता था, वह अब निवेश का प्रमुख केंद्र बन चुका है।
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ब्रोकरेज ऑफिसों की बाढ़: जेवर में कुछ साल पहले तक जहां केवल 25 रियल एस्टेट कार्यालय थे, आज उनकी संख्या बढ़कर 200 से अधिक हो गई है।
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विदेशी निवेशक: अब केवल दिल्ली-NCR ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी निवेशक जेवर में आवासीय और औद्योगिक संपत्तियों के लिए पूछताछ कर रहे हैं।
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यमुना एक्सप्रेसवे (YEIDA) का प्रभाव: अधिकांश ग्राहक ‘फ्रीहोल्ड’ जमीन की मांग कर रहे हैं, हालांकि YEIDA के तहत जमीन मिलने की प्रक्रिया में कड़े नियमों और लॉटरी सिस्टम के कारण समय लग रहा है।
राजनीतिक श्रेय की होड़
एयरपोर्ट के उद्घाटन के बाद इस पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती ने दावा किया कि इस एयरपोर्ट की नींव और शुरुआती बुनियादी ढांचा उनकी सरकार के दौरान तैयार किया गया था। उन्होंने कांग्रेस और तत्कालीन केंद्र सरकार पर परियोजना में देरी करने का आरोप लगाया। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे उत्तर प्रदेश के आर्थिक विकास के लिए एक “लॉन्चपैड” करार दिया है, जो निवेश और रोजगार के लाखों अवसर पैदा करेगा।
भविष्य की राह
विशेषज्ञों का मानना है कि जेवर एयरपोर्ट न केवल यात्रियों के लिए सुगम यात्रा का साधन बनेगा, बल्कि यह एक प्रमुख कार्गो हब के रूप में भी उभरेगा। इससे आने वाले महीनों में औद्योगिक इकाइयों और वेयरहाउसिंग सेक्टर में और भी अधिक तेजी आने की संभावना है।
मुख्य बिंदु:
MSP अपडेट: एयरपोर्ट के पास जमीन की कीमतों में 8-10 गुना की वृद्धि।
टोल-फ्री सहायता: YEIDA और प्रशासन द्वारा अवैध निर्माणों पर कड़ी निगरानी।
रोजगार: स्थानीय युवाओं के लिए लॉजिस्टिक्स और हॉस्पिटलिटी क्षेत्र में नए अवसर।
