उत्तर प्रदेश को ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को सिंगल-विंडो पोर्टल ‘निवेश मित्र 3.0’ का शुभारंभ किया। इस नए वर्जन का उद्देश्य निवेश प्रक्रिया को पूरी तरह से सुगम, पारदर्शी और मानवीय हस्तक्षेप से मुक्त (Intervention-free) बनाना है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 45 कंपनियों को प्रोत्साहन राशि (Incentives) वितरित की और 62 कंपनियों को ‘लेटर ऑफ कंफर्ट’ (LoCs) सौंपे।
निवेश मित्र 3.0 की मुख्य विशेषताएं
नया पोर्टल न केवल तकनीकी रूप से उन्नत है, बल्कि यह उद्यमियों के लिए ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ का नया मानक स्थापित करेगा:
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सेवाओं का सरलीकरण: 43 विभागों की 530 से अधिक सेवाओं को सरल बनाकर अब 200 से कम श्रेणियों में समेट दिया गया है।
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डिजिटल एकीकरण: यह पोर्टल NSWS, IGRS और GIS लैंड बैंक के साथ एकीकृत है। इसमें AI चैटबॉट, रियल-टाइम ट्रैकिंग और ऑटोमेटेड अलर्ट की सुविधा दी गई है।
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लैंड-यूज़ में बड़ी राहत: धारा 80 के तहत भूमि उपयोग परिवर्तन (Land-use conversion) की जटिल प्रक्रिया को समाप्त कर दिया गया है। मास्टर प्लान के तहत नक्शा पास होते ही लैंड-यूज़ को स्वतः स्वीकृत माना जाएगा।
₹50,000 करोड़ का निवेश और रोजगार के अवसर
मुख्यमंत्री ने बताया कि इन नए प्रस्तावों से राज्य में लगभग ₹50,000 करोड़ का निवेश आने की संभावना है, जिससे करीब 50,000 युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
सरकार ने विनिर्माण, ऑटोमोबाइल, सीमेंट, खाद्य प्रसंस्करण और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे विभिन्न क्षेत्रों की 85 परियोजनाओं के लिए ₹2,781.12 करोड़ के इंसेंटिव जारी किए हैं।
AI स्टार्टअप MoU पर स्पष्टीकरण
कार्यक्रम के दौरान हाल ही में एक AI स्टार्टअप ‘Puch AI’ के साथ हुए ₹25,000 करोड़ के समझौता ज्ञापन (MoU) पर उठ रहे सवालों का भी जवाब दिया गया। मुख्यमंत्री कार्यालय ने स्पष्ट किया कि:
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MoU केवल एक प्रारंभिक कदम है, यह कोई अंतिम निवेश प्रतिबद्धता नहीं है।
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प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन से पहले विस्तृत जांच (Due Diligence) और मूल्यांकन की एक कड़ी प्रक्रिया होती है।
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मानकों पर खरा न उतरने वाले किसी भी प्रस्ताव या MoU को स्वतः ही समाप्त कर दिया जाता है।
प्राइवेट बिजनेस पार्क पॉलिसी को मंजूरी
औद्योगिक विकास को रफ्तार देने के लिए कैबिनेट ने हाल ही में ‘प्राइवेट बिजनेस पार्क पॉलिसी’ को भी मंजूरी दी है। इसके तहत अब निवेशक ‘प्लग-एंड-प्ले’ मॉडल पर बिजनेस पार्क विकसित कर सकेंगे, जहाँ सरकार जमीन उपलब्ध कराएगी और निवेशक पूंजी लगाएंगे।
