शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए कार्यस्थल पर अनुशासन और शालीनता बनाए रखने के उद्देश्य से एक सख्त ‘परिधान संहिता’ (Dress Code) लागू कर दी है। मुख्य सचिव संजय गुप्ता की ओर से जारी इन निर्देशों के तहत अब सरकारी कार्यालयों और न्यायालयों में जींस, टी-शर्ट और पार्टी वियर पहनने पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया गया है।
शालीनता और आधिकारिक छवि पर जोर
सरकार द्वारा जारी आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि सभी सरकारी कर्मियों को औपचारिक, स्वच्छ और हल्के रंगों के वस्त्र धारण करना अनिवार्य होगा। निर्देशों के अनुसार:
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पुरुष कर्मियों के लिए: कॉलर वाली कमीज (Shirt) और पैंट पहनना अनिवार्य है। इसके साथ ही जूते या सैंडल पहनना भी आवश्यक होगा।
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महिला कर्मियों के लिए: साड़ी, औपचारिक सूट-सलवार, चूड़ीदार अथवा दुपट्टे के साथ कुर्ता पहनना अनिवार्य किया गया है। वे पाजामा, पैंट और कमीज के साथ चप्पल, सैंडल या जूते पहन सकती हैं।
अधिकारियों का मानना है कि इस कदम से कर्मचारियों की छवि एक जिम्मेदार अधिकारी के रूप में निखरेगी और कार्यस्थल की गरिमा बनी रहेगी।
सोशल मीडिया और व्यक्तिगत टिप्पणियों पर नकेल
ड्रेस कोड के अलावा, सरकार ने कर्मचारियों के सोशल मीडिया व्यवहार को लेकर भी कड़े निर्देश दिए हैं। अब सरकारी कर्मचारी बिना पूर्व अनुमति के:
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किसी भी सार्वजनिक मंच या सोशल मीडिया पर सरकारी नीतियों की आलोचना नहीं कर सकेंगे।
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आधिकारिक दस्तावेजों या सूचनाओं को सार्वजनिक करना प्रतिबंधित होगा।
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निजी खातों का उपयोग सरकारी योजनाओं के प्रचार या उत्पादों के प्रसार के लिए नहीं किया जा सकेगा।
सरकार ने चेतावनी दी है कि यदि कोई कर्मचारी अपनी व्यक्तिगत राय व्यक्त करता है, तो उसे स्पष्ट करना होगा कि ये उसके निजी विचार हैं, न कि सरकार का आधिकारिक मत।
उल्लंघन पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई
निर्देशों में साफ किया गया है कि इन नियमों का उल्लंघन गंभीर माना जाएगा। जो कर्मचारी इन निर्देशों का पालन नहीं करेंगे, उनके विरुद्ध सुधारात्मक अथवा कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। बता दें कि इससे पहले 2017 में भी इस तरह के आदेश जारी किए गए थे, लेकिन प्रभावी ढंग से लागू न होने के कारण अब इन्हें पुनः सख्ती से लागू किया गया है।
