नई दिल्ली/लखनऊ: निर्वाचन आयोग (ECI) ने देश के चार राज्यों—पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के लिए विधानसभा चुनाव की तारीखों का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्पष्ट किया कि मतदान की प्रक्रिया अप्रैल में संपन्न होगी और सभी सीटों के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
बंगाल में 2 चरणों का रण, अन्यत्र एक राउंड की वोटिंग
इस बार निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल में मतदान के चरणों को घटाकर केवल दो कर दिया है। पिछले चुनावों की तुलना में यह एक बड़ा बदलाव है। आयोग का कहना है कि हिंसा मुक्त और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता की गई है।
चुनाव का पूरा शेड्यूल:
| राज्य/UT | विधानसभा सीटें | मतदान की तिथि | चरण |
| असम | 126 | 9 अप्रैल | एक चरण |
| केरल | 140 | 9 अप्रैल | एक चरण |
| पुडुचेरी | 30 | 9 अप्रैल | एक चरण |
| तमिलनाडु | 234 | 23 अप्रैल | एक चरण |
| पश्चिम बंगाल | 294 | 23 और 29 अप्रैल | दो चरण |
विशेष पुनरीक्षण (SIR) और वोटर लिस्ट का मुद्दा
चुनावों के साथ-साथ पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची का मुद्दा भी गरमाया हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 60 लाख मतदाताओं की पात्रता वर्तमान में ‘अधिनिर्णय’ (Adjudication) के अधीन है। CEC ने बताया कि 28 फरवरी को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में राज्य के कुल 7.04 करोड़ मतदाताओं में से इन 60.06 लाख लोगों को फिलहाल रोल से बाहर रखा गया है, जिन्हें अपनी नागरिकता और पात्रता के दस्तावेज साबित करने होंगे।
आदर्श आचार संहिता लागू
चुनाव की घोषणा के साथ ही इन सभी चुनावी राज्यों में ‘आदर्श आचार संहिता’ (Model Code of Conduct) प्रभावी हो गई है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनावों में किसी भी प्रकार की हिंसा या प्रलोभन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए लगभग 8.5 लाख सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाएगी।
इसके अलावा, गुजरात, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों की कुछ खाली सीटों पर उपचुनाव (Bye-elections) की घोषणा भी की गई है, जिनके लिए वोटिंग अप्रैल के अलग-अलग चरणों में होगी।
एक नजर में मुख्य आंकड़े:
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कुल सीटें: 824 (4 राज्य + 1 UT)
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कुल मतदाता: लगभग 17.4 करोड़
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मतदान केंद्र: 2.18 लाख
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परिणाम: 4 मई, 2026
