उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों की आहट अब सरकारी योजनाओं में साफ दिखने लगी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर एक बड़ी घोषणा करते हुए ‘रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना’ को हरी झंडी दे दी है। इस योजना के तहत राज्य की मेधावी छात्राओं को मुफ्त स्कूटी वितरित की जाएगी।
यह कदम न केवल महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है, बल्कि इसे 2022 के संकल्प पत्र में किए गए चुनावी वादे को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर भी देखा जा रहा है।
ग्रेजुएशन और पोस्ट-ग्रेजुएशन की छात्राओं को प्राथमिकता
लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि योजना के पहले चरण में स्नातक (Graduation) और परास्नातक (Post-Graduation) के अंतिम वर्ष में पढ़ रही मेधावी छात्राओं को शामिल किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे कॉलेज जाने वाली छात्राओं को न केवल आवागमन में सुविधा होगी, बल्कि वे आत्मनिर्भरता की ओर भी कदम बढ़ाएंगी।
‘पिंक रोजगार’ और महिला सशक्तिकरण के नए आयाम
स्कूटी योजना के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने ‘पिंक रोजगार महाकुंभ 2026’ का भी उद्घाटन किया। यह एक ऐसा रोजगार मेला है जिसका उद्देश्य विशेष रूप से महिलाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करना है।
कार्यक्रम की मुख्य बातें:
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मिशन शक्ति का अगला चरण: नवरात्रि से ‘मिशन शक्ति’ का नया चरण शुरू होगा, जिसका फोकस सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन पर होगा।
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वर्किंग वुमन हॉस्टल: वाराणसी, मेरठ, प्रयागराज, कानपुर और झांसी सहित कई जिलों में 500 की क्षमता वाले नए कामकाजी महिला छात्रावास बनाने की घोषणा की गई है।
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पुलिस में भागीदारी: सीएम ने बताया कि यूपी पुलिस में महिलाओं की संख्या 2017 से पहले 10,000 थी, जो अब बढ़कर 44,000 से अधिक हो गई है।
5T फ्रेमवर्क और ‘विकसित भारत’ का विजन
योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में यूपी के बदलाव का श्रेय 5T फ्रेमवर्क— Tradition (परंपरा), Technology (तकनीकी), Transparency (पारदर्शिता), Trust (विश्वास) और Transformation (परिवर्तन) को दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आज शासन के इसी मॉडल पर चल रहा है। इसके अलावा उन्होंने लखपति दीदी, ड्रोन दीदी, और ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन’ (ODOC) जैसी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि ये पहल महिलाओं के लिए आर्थिक आत्मनिर्भरता के द्वार खोल रही हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों की राय
जानकारों का मानना है कि 2027 के चुनावों से पहले ‘आधी आबादी’ को साधने के लिए यह सरकार का सबसे बड़ा कार्ड है। स्कूटी वितरण योजना सीधे तौर पर युवा मतदाताओं और उनके परिवारों को प्रभावित करेगी। विपक्ष द्वारा लगातार रोजगार और महंगाई के मुद्दे उठाए जाने के बीच, ‘पिंक रोजगार’ और ‘स्कूटी योजना’ जैसे कदम सरकार की छवि को एक ‘प्रो-वुमन’ सरकार के रूप में मजबूत करने का प्रयास हैं।
