उत्तर प्रदेश में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने के लिए बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं। चुनाव आयोग के अनुसार 6 जनवरी से 6 मार्च के बीच नाम जोड़ने के लिए लगभग 70.69 लाख आवेदन प्राप्त हुए, जबकि 2.68 लाख आवेदन नाम हटाने के लिए जमा किए गए।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने जानकारी देते हुए बताया कि इस अवधि में प्राप्त आवेदनों में महिलाओं की भागीदारी पुरुषों से अधिक रही। नाम जोड़ने के लिए आए कुल आवेदनों में से 35.72 लाख आवेदन महिलाओं और 34.96 लाख आवेदन पुरुषों द्वारा किए गए।
उन्होंने बताया कि प्रारूप मतदाता सूची जारी होने के बाद नागरिकों ने बड़े पैमाने पर दावे और आपत्तियां दर्ज कराई हैं। इसके तहत प्रपत्र-6 के माध्यम से नए मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए आवेदन किए गए, जबकि प्रपत्र-7 के जरिए नाम हटाने के लिए आपत्तियां दर्ज कराई गईं।
रिणवा के अनुसार नाम हटाने के लिए आए 2,68,682 आवेदनों में से लगभग 1.58 लाख आवेदन पुरुष मतदाताओं, 1.10 लाख आवेदन महिला मतदाताओं से संबंधित हैं, जबकि कुछ आवेदन तीसरे लिंग के मतदाताओं से जुड़े हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 27 अक्टूबर 2025 को जब पुनरीक्षण प्रक्रिया की घोषणा की गई थी, तब राज्य में कुल 12.55 करोड़ मतदाताथे। इनमें 6.88 करोड़ पुरुष (54.8%), 5.67 करोड़ महिलाएं (45%) और 4,119 तृतीय लिंग मतदाता शामिल थे।
चुनाव आयोग के मुताबिक पुनरीक्षण प्रक्रिया को सुचारु रूप से पूरा करने के लिए प्रदेशभर में 5,621 स्थानों पर सुनवाई की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही मतदाताओं की सहायता के लिए हेल्प डेस्क भी स्थापित किए गए हैं।
निर्वाचन विभाग का कहना है कि निर्धारित समय सीमा 27 मार्च तक सभी दावे और आपत्तियों का निस्तारण करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि अंतिम मतदाता सूची समय पर प्रकाशित की जा सके।
