उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को राजधानी लखनऊ में 50 नए क्विक रिस्पांस टीम (QRT) वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था में आए बड़े बदलावों को रेखांकित करते हुए कहा कि 2017 के बाद से उत्तर प्रदेश की छवि ‘दंगा-प्रवण’ राज्य से बदलकर एक ‘सुरक्षित प्रदेश’ की बन गई है।
सुरक्षा ही विकास की पहली शर्त
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि विकास तभी संभव है जब नागरिक और उनकी संपत्ति सुरक्षित महसूस करें। उन्होंने कहा:
“सुरक्षा विकास की पहली शर्त है। अगर कोई व्यक्ति सुरक्षित नहीं है, तो उसकी पूंजी और परिवार कैसे सुरक्षित रह सकते हैं?”
योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि लोकतंत्र के इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब कानून-व्यवस्था चुनाव का मुख्य मुद्दा बनी है। उन्होंने 2017 से 2022 के बीच उत्तर प्रदेश पुलिस के प्रदर्शन को सरकार की दोबारा वापसी का मुख्य श्रेय दिया।
आधुनिक पुलिसिंग के आंकड़े (2017 बनाम वर्तमान)
मुख्यमंत्री ने पिछले नौ वर्षों में पुलिस विभाग में हुए बुनियादी सुधारों के कुछ महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए:
| संसाधन | 2017 की स्थिति | वर्तमान स्थिति |
| पुलिस रिस्पांस वाहन (PRV) | लगभग 9,500 | 15,500 से अधिक |
| पुलिस मोटरसाइकिलें | लगभग 3,000 | 9,200 से अधिक |
| पुलिस बजट | ₹16,000 करोड़ (अनुपयोगी) | बजट में भारी वृद्धि और बुनियादी ढांचे पर खर्च |
बुनियादी ढांचे में सुधार
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले कई जिलों में मुख्यालय या पुलिस लाइन तक नहीं थी। पुलिसकर्मी 12-12 घंटे की ड्यूटी के बाद जर्जर बैरकों में रहने को मजबूर थे। वर्तमान सरकार ने इन स्थितियों को बदलते हुए:
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मॉडल पुलिस स्टेशनों का निर्माण किया है।
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आधुनिक फायर स्टेशनों की स्थापना की है।
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पुलिस ट्रेनिंग सुविधाओं का विस्तार किया है।
मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि ये केवल नंबर नहीं हैं, बल्कि इन्होंने आपात स्थिति में पुलिस के ‘रिस्पांस टाइम’ को कम किया है, जिससे जनता का विश्वास बढ़ा है।
