बहराइच, 23 फरवरी
जनपद बहराइच में सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए भेजी गई पुस्तकों को कबाड़ी को बेचने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, करीब 13 हजार से अधिक किताबों को मात्र चार रुपये प्रति किलो के भाव से कबाड़ में बेच दिया गया। यह किताबें बच्चों को निशुल्क वितरित की जानी थीं।
मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए शिक्षा विभाग के एक चपरासी समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) कार्यालय के कर्मचारियों की मिलीभगत से यह पूरा मामला अंजाम दिया गया।
कबाड़ी से बरामद हुई किताबें
पुलिस ने कबाड़ी के यहां छापा मारकर बड़ी संख्या में किताबें बरामद की हैं। बताया जा रहा है कि इन किताबों को कबाड़ी के माध्यम से उत्तराखंड भेजा जा रहा था। इसके लिए किताबों से भरे कंटेनर को सील कर रवाना भी कर दिया गया था, जिसे बाद में लखीमपुर खीरी से वापस मंगवाया गया।
कर्मचारियों पर कार्रवाई
मामले में बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी आलोक मिश्रा को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा कबाड़ी दिलशाद, शंकर और अर्जुन को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है।
घटना सामने आने के बाद कार्यालय के अन्य कर्मचारियों—आनंद सिंह, दीपक कुमार और अतुल सिंह—को बर्खास्त कर दिया गया है।
साथ ही ब्लॉक स्तर के अधिकारियों पर भी कार्रवाई की तैयारी है। खंड शिक्षा अधिकारी डॉली मिश्रा और अकाउंट अधिकारी विरेश वर्मा के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा गया है।
पुलिस जांच और प्रशासनिक सख्ती
पुलिस ने इस मामले में थाना रामगांव में केस दर्ज कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
जिलाधिकारी के निर्देश पर मामले की गहन जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही गई है।
शिक्षा व्यवस्था पर सवाल
यह मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिन किताबों का उद्देश्य बच्चों की शिक्षा को सुदृढ़ करना था, उन्हें ही कबाड़ में बेच दिया गया।
मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और जांच तेज कर दी गई है।