पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी तनाव के बीच उत्तर प्रदेश में ईंधन और गैस की किल्लत की खबरों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विराम लगा दिया है। मंगलवार को एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। उन्होंने जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की ‘पैनिक बाइंग’ (घबराहट में खरीदारी) न करें।
प्रशासन को निर्देश: “आर्टिफिशियल क्राइसिस” पैदा करने वालों की खैर नहीं
मुख्यमंत्री ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग और पुलिस प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे बाजार पर पैनी नजर रखें।
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जमाखोरी पर लगाम: मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कोई भी व्यापारी या बिचौलिया ईंधन या गैस की कृत्रिम कमी पैदा करने या जमाखोरी (Hoarding) करने का दोषी पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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फील्ड निरीक्षण: जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमित रूप से पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों का निरीक्षण करें ताकि वितरण सामान्य बना रहे।
कमर्शियल गैस पर संकट के बादल, घरेलू उपभोक्ता सुरक्षित
जहां एक ओर सरकार ईंधन की आपूर्ति सामान्य होने का दावा कर रही है, वहीं कमर्शियल LPG (19 किलो वाला सिलेंडर) की सप्लाई को लेकर होटल और रेस्टोरेंट मालिकों में चिंता बढ़ गई है।
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रेस्टोरेंट और होटलों की मुश्किलें: लखनऊ के मशहूर ‘मधुरिमा रेस्टोरेंट’ और वाराणसी के होटल संचालकों का कहना है कि कमर्शियल सिलेंडर की किल्लत के कारण आने वाले दिनों में मेहमानों के लिए खाना बनाना मुश्किल हो सकता है।
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नया नियम (25 दिनों का चक्र): सरकार ने घरेलू LPG की जमाखोरी रोकने के लिए रीफिलिंग के बीच 25 दिनों का अनिवार्य अंतर(Booking Cycle) लागू कर दिया है।
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घरेलू आपूर्ति: वितरकों का कहना है कि घरेलू उपभोक्ताओं (14.2 किलो सिलेंडर) के लिए स्टॉक पर्याप्त है और प्राथमिकता के आधार पर उन्हें गैस दी जा रही है। अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को भी ‘प्राथमिकता क्षेत्र’ में रखा गया है।
त्योहारों और परीक्षाओं को लेकर पुलिस हाई-अलर्ट पर
बैठक में मुख्यमंत्री ने आगामी त्योहारों (अलविदा नमाज, चैत्र नवरात्रि, ईद-उल-फितर) और उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की।
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पुलिस भर्ती परीक्षा (14-15 मार्च): लगभग 15.75 लाख उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि हर परीक्षा केंद्र के बाहर यातायात प्रबंधन के लिए ‘PRV 112’ वाहन तैनात किए जाएं।
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सांप्रदायिक सौहार्द: त्योहारों के सीजन को देखते हुए पुलिस को ‘फुल अलर्ट’ पर रहने और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों से सख्ती से निपटने को कहा गया है।
DGP की समीक्षा: शिकायतों के निपटारे में तेजी
बैठक के दौरान डीजीपी प्रशांत कुमार ने राज्य में ‘जीरो फैटालिटी डिस्ट्रिक्ट’ (ZFD) अभियान और ऑनलाइन शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण की प्रगति रिपोर्ट पेश की। पुलिस को निर्देश दिया गया है कि वे जनता की शिकायतों को गंभीरता से लें और जांच की गुणवत्ता बनाए रखें।
News Drift टेक: हालांकि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण सप्लाई चेन पर दबाव है, लेकिन राज्य सरकार का सख्त रवैया यह सुनिश्चित करने के लिए है कि इस स्थिति का फायदा उठाकर कोई कालाबाजारी न कर सके।
