पत्रकारिता जगत के सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में से एक, ‘रामनाथ गोयनका एक्सीलेंस इन जर्नलिज्म अवॉर्ड्स’ का 20वां संस्करण आज नई दिल्ली में आयोजित किया गया। इस भव्य समारोह में भारत के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और देश भर के 25 उत्कृष्ट पत्रकारों को उनके साहसिक और प्रभावशाली कार्यों के लिए सम्मानित किया।
18 श्रेणियों में दिए गए पुरस्कार
वर्ष 2024 के लिए दिए गए ये पुरस्कार कुल 18 श्रेणियों में वितरित किए गए, जिनमें प्रिंट, डिजिटल और ब्रॉडकास्ट प्लेटफॉर्म शामिल हैं। इस वर्ष के विजेताओं में खोजी पत्रकारिता, राजनीति, खेल, क्षेत्रीय भाषा और पर्यावरण जैसे विषयों पर गहरा प्रभाव डालने वाली रिपोर्टों को चुना गया।
प्रमुख विजेता और उनकी खबरें:
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वायनाड भूस्खलन: आपदा के बाद रिकवरी की मर्मस्पर्शी रिपोर्टिंग।
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बाल तस्करी का खुलासा: राजस्थान में जनजातीय परिवारों को निशाना बनाने वाले अंतर-राज्यीय रैकेट का पर्दाफाश।
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सरोगेसी बाजार: देश में अवैध सरोगेसी और सरोगेट मदर्स के शोषण पर विशेष रिपोर्ट।
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ब्रिटिशकालीन बंगलों की बिक्री: अवैध रूप से बेचे जा रहे ऐतिहासिक बंगलों पर की गई इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट।
लोकतंत्र का ‘अंतरात्मा रक्षक’
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने अपने संबोधन में रामनाथ गोयनका को ‘भारतीय लोकतंत्र का अंतरात्मा रक्षक’ बताया। उन्होंने कहा, “सच्ची पत्रकारिता वह है जो बिना किसी डर के सत्ता से कठिन सवाल पूछे और समाज के हाशिए पर खड़े लोगों की आवाज बने।” उन्होंने आपातकाल के दौरान प्रेस की आजादी के लिए श्री गोयनका के संघर्ष को भी याद किया।
जूरी और चयन प्रक्रिया
20वें संस्करण की जूरी में पूर्व न्यायाधीश जस्टिस बी.एन. श्रीकृष्ण, प्रो. सी. राज कुमार और प्रो. के.जी. सुरेश जैसे दिग्गज शामिल थे। जूरी सदस्य रोहिणी नीलेकणी ने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इन प्रविष्टियों को पढ़ना ‘भारत दर्शन’ करने जैसा था, जो देश की वास्तविक जमीनी सच्चाई को बयां करती हैं।
जूरी ने इस बात पर जोर दिया कि सोशल मीडिया के दौर में भी ‘ओल्ड-फैशन’ खोजी पत्रकारिता की प्रासंगिकता बनी हुई है और युवा पत्रकार अब साइबर सुरक्षा जैसे नए विषयों पर भी शानदार काम कर रहे हैं।
