रिपोर्ट के अनुसार, जून और जुलाई 2025 में भारतीय छात्रों को केवल 12,776 F-1 वीजा जारी किए गए। यह 2024 के इसी समय की तुलना (41,336 वीजा) में 69% कम है।
गिरावट के मुख्य कारण:
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सख्त स्क्रीनिंग नियम: ट्रंप प्रशासन के तहत नए नियमों ने सोशल मीडिया हैंडल्स की गहन जांच अनिवार्य कर दी है। पिछले 5 वर्षों के सोशल मीडिया डेटा की मांग की जा रही है।
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इंटरव्यू में रुकावट: मई 2025 के अंत से जून मध्य तक वीजा इंटरव्यू पर अस्थायी रोक लगा दी गई थी, जिससे एक बड़ा बैकलाग पैदा हो गया।
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वीजा इंटीग्रिटी फीस: अक्टूबर 2025 से लागू होने वाली अतिरिक्त $250 की फीस ने भी आवेदकों के लिए वित्तीय बोझ बढ़ा दिया है।
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प्रोटेस्ट और SEVIS रिकॉर्ड: अमेरिका में हुए कुछ विरोध प्रदर्शनों (जैसे प्रो-फिलिस्तीन प्रदर्शन) में शामिल छात्रों के SEVIS (Student and Exchange Visitor Information System) रिकॉर्ड अचानक टर्मिनेट कर दिए गए थे, जिससे डर का माहौल बना।
F-1 वीजा क्या है?
F-1 वीजा अमेरिका में पढ़ाई के लिए सबसे आम नॉन-इमिग्रेंट वीजा है।
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उद्देश्य: किसी मान्यता प्राप्त अमेरिकी कॉलेज, विश्वविद्यालय या इंग्लिश लैंग्वेज प्रोग्राम में पूर्णकालिक (Full-time) पढ़ाई करना।
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पात्रता (Eligibility): 1. SEVP-अप्रूव्ड संस्थान से I-20 फॉर्म (एडमिशन लेटर) होना चाहिए। 2. पढ़ाई और रहने के खर्च के लिए पर्याप्त फंड का प्रमाण। 3. कोर्स खत्म होने के बाद भारत लौटने का इरादा। 4. अंग्रेजी भाषा में दक्षता (TOEFL/IELTS)।
अन्य प्रमुख अमेरिकी वीजा प्रकार (भारतीयों के लिए)
नीचे दी गई तालिका में भारतीयों द्वारा सबसे ज्यादा उपयोग किए जाने वाले वीजा और उनकी पात्रता बताई गई है:
