उत्तर प्रदेश में डिजिटल क्रांति को नई दिशा देने के लिए राज्य परिवर्तन आयोग (STC) और हिंदुजा ग्रुप की सहायक कंपनी ‘वन ओटीटी एंटरटेनमेंट लिमिटेड’ (OIL) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता (MoU) हुआ है। इस पहल को ‘प्रोजेक्ट गंगा’ नाम दिया गया है, जिसका लक्ष्य अगले दो से तीन वर्षों में राज्य के ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के 20 लाख घरों तक हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पहुँचाना है।
परियोजना की मुख्य बातें:
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रोजगार के अवसर: इस प्रोजेक्ट से राज्य में 1 लाख से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
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डिजिटल सेवा प्रदाता (DSPs): पंचायत स्तर पर 8,000 से 10,000 स्थानीय उद्यमियों को ‘डिजिटल सेवा प्रदाता’ के रूप में तैयार किया जाएगा। ये उद्यमी गांवों में इंटरनेट और अन्य डिजिटल सेवाएं प्रदान करेंगे।
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महिला सशक्तिकरण: सरकार ने इन डिजिटल उद्यमियों में 50% महिलाओं की भागीदारी का लक्ष्य रखा है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में महिला नेतृत्व वाले उद्यमों को बढ़ावा मिल सके।
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सरकारी सहायता: चयनित DSPs को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और तकनीकी बुनियादी ढांचा प्रदान किया जाएगा।
‘डिजिटल हाईवे’ से विकास को मिलेगी रफ्तार
वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना की उपस्थिति में हुए इस समझौते के दौरान अधिकारियों ने बताया कि यह कदम राज्य के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करेगा। STC के सीईओ मनोज कुमार सिंह ने कहा कि आज के युग में “डिजिटल हाईवे” भौतिक एक्सप्रेसवे जितने ही महत्वपूर्ण हैं।
यह परियोजना विशेष रूप से श्रावस्ती, बहराइच और बलरामपुर जैसे सीमावर्ती और दूरदराज के जिलों के लिए वरदान साबित होगी, जहाँ बेहतर कनेक्टिविटी से टेली-मेडिसिन, ऑनलाइन शिक्षा और ई-कॉमर्स के नए रास्ते खुलेंगे।
युवाओं के लिए वित्तीय मदद
लेख में यह भी उल्लेख किया गया है कि जनवरी 2024 में शुरू की गई एक योजना के तहत, युवाओं को 5 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त और बिना गारंटी (collateral-free) लोन दिया जा रहा है, जिसका लाभ अब तक एक लाख से अधिक लाभार्थी उठा चुके हैं।
