उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के उन हजारों छात्र-छात्राओं को बड़ी राहत देने का निर्णय लिया है, जो तकनीकी कारणों या अन्य किसी वजह से शैक्षिक सत्र 2025-26 के लिए छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना का लाभ लेने से चूक गए थे। समाज कल्याण विभाग जल्द ही ऐसे छात्रों के लिए अपना ऑनलाइन पोर्टल दोबारा खोलने जा रहा है।
कोई भी पात्र छात्र न रहे वंचित
प्रदेश सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक रूप से कमजोर कोई भी मेधावी छात्र केवल आवेदन न कर पाने के कारण अपनी पढ़ाई बीच में न छोड़े। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘समान अवसर’ के विजन को आगे बढ़ाते हुए समाज कल्याण विभाग समावेशी विकास की दिशा में यह कदम उठा रहा है।
सभी वर्गों को मिलेगा लाभ
समाज कल्याण विभाग के अनुसार, इस योजना का लाभ निम्नलिखित श्रेणियों के विद्यार्थियों को मिलेगा:
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सामान्य वर्ग (General)
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अनुसूचित जाति (SC)
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अनुसूचित जनजाति (ST)
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ट्रांसजेंडर समुदाय के विद्यार्थी
पिछले वर्ष के उत्साहजनक आंकड़े
सरकार ने स्पष्ट किया है कि पोर्टल दोबारा खोलने का प्रयोग पहले भी सफल रहा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में भी इसी तरह की पहल की गई थी, जिसके परिणाम स्वरूप:
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कुल लाभार्थी: 53,041 छात्रों को लाभ मिला।
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वितरित राशि: कुल 81.12 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति प्रदान की गई।
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वर्गवार विवरण: अनुसूचित जाति के 25,395 छात्रों को 30.65 करोड़ रुपये और सामान्य वर्ग के 27,646 छात्रों को 50.47 करोड़ रुपये की सहायता दी गई।
मंत्री का बयान: शिक्षा के क्षेत्र में समावेशी विकास
समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि सरकार हर जरूरतमंद छात्र तक शिक्षा का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह कदम न केवल युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक होगा, बल्कि इससे हजारों छात्रों को अपनी शिक्षा निर्बाध रूप से जारी रखने का अवसर मिलेगा और उनका भविष्य मजबूत होगा।
‘न्यूज ड्रिफ्ट’ सलाह: छात्र रखें इन बातों का ध्यान
पोर्टल दोबारा खुलने पर आवेदन करते समय छात्र निम्नलिखित दस्तावेजों को तैयार रखें ताकि इस बार कोई चूक न हो:
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आधार कार्ड और उससे लिंक मोबाइल नंबर।
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जाति एवं आय प्रमाण पत्र (अद्यतन)।
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पिछले वर्ष की अंकतालिका।
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बैंक खाते का विवरण (जो आधार से लिंक हो)।
