लखनऊ में चल रही CM GRID योजना के कार्यों को लेकर कई महत्वपूर्ण सवाल सामने आ रहे हैं। News Drift की टीम ने लगभग एक महीने तक शहर के चयनित स्थानों पर जमीनी निरीक्षण किया, जिसमें निर्माण कार्य की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के पालन को लेकर कई विसंगतियाँ देखने को मिलीं।
निरीक्षण के दौरान कुछ स्थानों पर कार्य अपेक्षित मानकों के अनुरूप नहीं दिखा। कई जगहों पर निर्माण कार्य सतही रूप से पूरा किया गया प्रतीत हुआ, जिससे तकनीकी गुणवत्ता को लेकर संदेह उत्पन्न हुआ। इन बिंदुओं को क्रमशः जूनियर इंजीनियर (JE), अधिशासी अभियंता (XEN) और मुख्य अभियंता (CE) के संज्ञान में लाया गया, साथ ही उनका पक्ष जानने का प्रयास भी किया गया।
अधिकारियों की ओर से सामान्यतः यह कहा गया कि कार्य मानकों के अनुसार हो रहा है और जहाँ कमी हो, उसके फोटो-वीडियो साझा किए जाएँ आवश्यक सुधार किये जाएंगे । साथ ही जांच कराने की बात भी कही गई, हालांकि जमीनी स्तर पर अब तक कोई स्पष्ट सुधार/या जांच देखने को नहीं मिला।
टीम द्वारा 24 मार्च 2026 को सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत DPR, BOQ और अन्य तकनीकी दस्तावेज़ों की मांग की गई थी, जिसकी जानकारी या कोई उत्तर अभी आज 30 अप्रैल 2026 को खबर लिखने तक नहीं आया । 26 अप्रैल को मुख्य अभियंता (CE) से संपर्क कर उन्हें इस आवेदन के बारे में अवगत कराया गया। इसके बाद अधिशासी अभियंता (XEN) से भी दो दिनों में जानकारी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया, हालांकि इस रिपोर्ट के प्रकाशन तक DPR और BOQ सहित मांगी गई जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी है।
इस ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान जिन तकनीकी पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया गया, उनमें खुदाई के बाद पाइपों के नीचे दिए गए बेस की स्थिति, प्रयुक्त सामग्री की गुणवत्ता, , सामग्री और लागत का अनुपालन, साइट पर लगाई गई टाइल्स की गुणवत्ता और उनका बेस, चैम्बर की संरचना, पाइपलाइन का एलाइनमेंट और उनकी समग्र गुणवत्ता शामिल हैं।
टीम द्वारा जुटाए गए तथ्यों का आकलन अनुभवी/सेवानिवृत्त सिविल इंजीनियरों से भी कराया गया है, ताकि तकनीकी विश्लेषण निष्पक्ष और विश्वसनीय हो सके। प्रारंभिक आकलन में कई बिंदुओं पर और गहन जांच की आवश्यकता महसूस की गई है।
यह मामला केवल निर्माण कार्य की गुणवत्ता तक सीमित नहीं है, बल्कि सार्वजनिक धन के उपयोग और नागरिक सुविधाओं की दीर्घकालिक सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है। यदि राजधानी लखनऊ में इस प्रकार के सवाल उठ रहे हैं, तो अन्य क्षेत्रों की स्थिति को लेकर भी स्वाभाविक रूप से चिंता उत्पन्न होती है।
वहीं, संबंधित ठेकेदार से संपर्क करने का प्रयास भी किया गया, लेकिन उनसे संपर्क स्थापित नहीं हो सका, जिससे उनका पक्ष सामने नहीं आ पाया।
(संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा)
पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट, साक्ष्यों, तस्वीरों और तकनीकी विश्लेषण के साथ News Drift के आगामी अंक (मई 2026) में 10 मई 2026 को प्रकाशित की जाएगी, जिसमें प्रत्येक कार्य को निर्धारित मानकों के आधार पर परखा जाएगा।
