जबलपुर: मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी बांध में शुक्रवार को हुए एक भीषण क्रूज हादसे ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। अचानक आए तूफान और तेज लहरों के कारण 29 यात्रियों और दो क्रू सदस्यों को ले जा रही नाव पलटने से अब तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। इस त्रासदी के बीच ममता की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने रेस्क्यू टीम के अनुभवी गोताखोरों की भी आँखें नम कर दीं।
सांसें थमीं, पर ममता नहीं: माँ-बेटे का हृदयविदारक दृश्य
बचाव कार्य के दौरान आगरा से आई गोताखोरों की टीम को डूबे हुए जहाज के मलबे से एक महिला और उसके बच्चे का शव मिला। बचाव कर्मियों के अनुसार, महिला ने अपने बच्चे को इतनी मजबूती से कलेजे से लगा रखा था कि उन्हें अलग करना मुश्किल हो गया था।
गोताखोरों ने इस चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू के बारे में बताया:
क्रूज के अंदर जगह बहुत कम थी और लोहे की नुकीली छड़ें बाधा बन रही थीं।
विजिबिलिटी (दृश्यता) बेहद कम होने के कारण टीम को हथौड़ों से रास्ता बनाना पड़ा।
ऑपरेशन इतना खतरनाक था कि एक गोताखोर खुद मलबे में फंस गया था, जिसे कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित निकाला गया。
हादसे की आंखों देखी: आंखों के सामने डूब गया परिवार
हादसे में जीवित बचे सैयद रियाज हुसैन ने अपनी आंखों के सामने अपनी मां को डूबते हुए देखा। उनके परिवार के अन्य सदस्य—पत्नी, पोता और भाभी—अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पल भर पहले हंसता-खेलता परिवार अचानक आई तबाही में बिखर गया।
राहत और सरकारी सहायता
मृतकों की संख्या: अब तक 9 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 6 लोग अभी भी लापता हैं।
रेस्क्यू ऑपरेशन: सेना, एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें लगातार तलाशी अभियान चला रही हैं।
मुआवजे की घोषणा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। केंद्र सरकार ने मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है।
वर्तमान में बांध से क्रूज को बाहर निकालने का काम जारी है और प्रशासन यह जांच कर रहा है कि अचानक आए तूफान के बीच सुरक्षा मानकों में कहां चूक हुई। यह घटना अपने आप में बहुत दुखद है लेकिन माँ -बेटे का मार्मिक दृश्य इस बात का गवाह बन गया कि माँ अपने बच्चे को बचाने के लिए मौत के द्वार तक भी साथ खड़ी रही।
