भारत के श्रम इतिहास में एक लंबी प्रतीक्षा का अंत हो गया है। दिसंबर 2025 तक, केंद्र और लगभग सभी राज्य सरकारों ने चार नई श्रम संहिताओं (Labor Codes) के नियमों को अधिसूचित (Notify) कर पूर्ण रूप से लागू कर दिया है। 29 केंद्रीय श्रम कानूनों को समाहित कर बनाई गई ये संहिताएँ न केवल वैश्विक निवेशकों के लिए ‘रेड कार्पेट’ हैं, बल्कि भारत के 50 करोड़ से अधिक श्रमिकों के लिए ‘सुरक्षा कवच’ भी हैं। श्रम संहिताएं समाहित कानून वेतन संहिता, 2019 वेतन भुगतान एक्ट, 1936; न्यूनतम वेतन एक्ट, 1948; बोनस भुगतान एक्ट, 1965; समान पारिश्रमिक एक्ट, 1976 व्यवसायगत…
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