भारत को ग्लोबल चिप सप्लाई चेन का केंद्र बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को गुजरात के सानंद में Kaynes Technology के ‘आउटसोर्स सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट’ (OSAT) सुविधा का उद्घाटन किया। ₹3,300 करोड़ की लागत से बना यह प्लांट भारत के ‘फुल-स्टैक चिप इकोसिस्टम’ के सपने को नई गति देगा।
वैश्विक संघर्षों के बीच आत्मनिर्भरता की जरूरत
प्रधानमंत्री ने दुनिया भर में जारी युद्ध और संघर्षों (विशेषकर पश्चिम एशिया) का जिक्र करते हुए कहा कि अशांति का सबसे बुरा असर ग्लोबल सप्लाई चेन पर पड़ता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि चिप्स, दुर्लभ खनिज (Rare Earth Minerals) और ऊर्जा की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए भारत का अपना मजबूत इकोसिस्टम होना अनिवार्य है।
सानंद से सिलिकॉन वैली तक का सफर
पीएम मोदी ने बताया कि यह प्लांट न केवल ‘मेक इन इंडिया’ बल्कि ‘मेक फॉर द वर्ल्ड’ के मंत्र को साकार कर रहा है। यहाँ बनने वाले ‘इंटेलिजेंट पावर मॉड्यूल्स’ (Intelligent Power Modules) सीधे कैलिफोर्निया स्थित अमेरिकी कंपनियों को भेजे जाएंगे। इस तरह सानंद और सिलिकॉन वैली के बीच एक नया सेतु तैयार हो गया है।
“यह महज इत्तेफाक नहीं है कि एक महीने के भीतर सानंद में यह दूसरे सेमीकंडक्टर प्लांट का उद्घाटन है। यह भारत की मिशन मोड में काम करने की रफ्तार का प्रमाण है।” — नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री
खबर के मुख्य बिंदु:
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तेजी से बढ़ता बाजार: भारत का वर्तमान सेमीकंडक्टर बाजार ₹4.5 लाख करोड़ का है, जिसे 2030 तक ₹9 लाख करोड़ तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है।
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Pax Silica: भारत अमेरिका के नेतृत्व वाले ‘Pax Silica’ गठबंधन के माध्यम से अपनी सप्लाई चेन को सुरक्षित कर रहा है।
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रेयर अर्थ कॉरिडोर: खनिज सुरक्षा के लिए ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और केरल जैसे तटीय राज्यों को जोड़ते हुए एक ‘Rare Earth Corridor’ बनाने की घोषणा की गई है।
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खनिज रीसाइक्लिंग: कच्चे माल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए ₹1,500 करोड़ की मिनरल रीसाइक्लिंग योजना पर काम चल रहा है।
भविष्य की रणनीति
प्रधानमंत्री ने पिछली सरकारों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यदि यह काम 30-40 साल पहले शुरू हो गया होता, तो आज भारत कहीं आगे होता। अब भारत ‘नेशनल क्रिटिकल मिनरल्स मिशन’ और घरेलू विनिर्माण के जरिए इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और भारी उद्योगों के लिए दुनिया का सबसे भरोसेमंद सप्लायर बनने की राह पर है।
