अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ने 11 मार्च को घोषणा की है कि वह भारत, चीन और यूरोपीय संघ (27 देशों का समूह) सहित दुनिया के 16 देशों की व्यापारिक नीतियों और औद्योगिक प्रथाओं की जांच शुरू कर रहा है। यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए व्यापक आयात शुल्क को अदालत द्वारा रद्द किए जाने के बाद उठाया गया है।
1. जांच का मुख्य कारण और उद्देश्य
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अतिरिक्त क्षमता (Excess Capacity): जांच का मुख्य फोकस विनिर्माण क्षेत्रों में ‘संरचनात्मक अतिरिक्त क्षमता’ और ‘अत्यधिक उत्पादन’ पर है।
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अनुचित प्रथाएं: USTR यह तय करेगा कि क्या इन देशों की नीतियां भेदभावपूर्ण हैं और क्या वे अमेरिकी व्यापार पर बोझ डालती हैं या उसे सीमित करती हैं।
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प्रभावित क्षेत्र: इस जांच के दायरे में स्टील, एल्युमीनियम, वाहन, बैटरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, रसायन, मशीनरी, सेमीकंडक्टर और सौर मॉड्यूल जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं।
2. कौन से देश जांच के घेरे में हैं?
जांच में कुल 15 व्यक्तिगत देश और यूरोपीय संघ (27 देश) शामिल हैं:
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प्रमुख देश: भारत, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, सिंगापुर।
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अन्य देश: इंडोनेशिया, मलेशिया, कंबोडिया, थाईलैंड, वियतनाम, ताइवान, बांग्लादेश और मेक्सिको।
3. भारत के लिए इसके मायने
ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) और भारतीय निर्यात संगठनों (FIEO) के अनुसार:
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सौर मॉड्यूल: भारत की सौर मॉड्यूल निर्माण क्षमता घरेलू मांग से लगभग तीन गुना हो चुकी है, जिससे निर्यात के लिए भारी ‘उत्पादन अधिशेष’ (Production Surplus) की स्थिति बनी है। अमेरिका इसे ‘अतिरिक्त क्षमता’ के रूप में देख सकता है।
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अन्य क्षेत्र: कपड़ा, स्वास्थ्य संबंधी वस्तुएं, निर्माण सामग्री और पेट्रोकेमिकल क्षेत्रों में भी जांच का असर पड़ सकता है।
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विशेषज्ञों की राय: FIEO के महानिदेशक अजय सहाय के अनुसार, भारत का निर्यात विविध है, इसलिए फिलहाल चिंता की बड़ी बात नहीं है, लेकिन स्थिति पर नजर रखना जरूरी होगा।
4. अमेरिका किन कानूनों का उपयोग कर रहा है?
लेख में स्पष्ट किया गया है कि ट्रंप प्रशासन किन कानूनी आधारों पर शुल्क और जांच को आगे बढ़ा रहा है:
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1974 का व्यापार अधिनियम (धारा 301): यह अनुचित विदेशी प्रथाओं के खिलाफ कार्रवाई का मुख्य प्रावधान है।
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1974 का व्यापार अधिनियम (धारा 122): इसके तहत 20 फरवरी 2026 को सभी देशों पर 150 दिनों के लिए 10% आयात शुल्क लगाया गया था (जिसे 15% तक बढ़ाया जा सकता है)।
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1962 का व्यापार विस्तार अधिनियम (धारा 232): राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर स्टील और एल्युमीनियम पर शुल्क लगाने के लिए।
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अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां अधिनियम, 1977: फरवरी 2025 में इसके तहत शुल्क लगाए गए थे, लेकिन अदालत ने इसे अमान्य कर दिया था।
5. जांच की प्रक्रिया क्या होगी?
यदि जांच में यह साबित हो जाता है कि विदेशी सरकारों की सब्सिडी, बाजार तक पहुंच में बाधाएं, या मुद्रा संबंधी नीतियां अमेरिकी व्यापार को नुकसान पहुंचा रही हैं, तो अमेरिका निम्नलिखित कदम उठा सकता है:
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अतिरिक्त आयात शुल्क (Extra Tariffs) लगाना।
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मात्रात्मक प्रतिबंध (Quantitative Restrictions) लगाना।
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अन्य व्यापारिक बाधाएं उत्पन्न करना।
