Close Menu
News Drift

    Subscribe to Updates

    Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

    What's Hot

    नोएडा श्रमिक प्रदर्शन: 9000 की तनख्वाह, 3000 की गैस और पुलिस की लाठियाँ

    April 16, 2026

    लखनऊ विकास प्राधिकरण में RTI की अनदेखी, आवेदक को नहीं मिल रहा जवाब

    April 15, 2026

    Lucknow News: लखनऊ नगर निगम की लापरवाही उजागर, नालियों की गंदगी सड़कों पर, शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं

    April 13, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram Pinterest YouTube LinkedIn WhatsApp Telegram
    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp
    News Drift
    AQIᯓᡣ𐭩
    • होम
    • दुनिया
    • खेल
    • बिजनेस
    • राष्ट्रीय
    • खबर विशेष
    • शिक्षा
    • राज्य
      • उत्तरप्रदेश
      • उत्तराखंड
      • गुजरात
      • बिहार
      • राजस्थान
      • हिमाचल प्रदेश
    • अन्य
      • स्वास्थ्य
      • सोशल
      • शॉर्ट्स
      • मनोरंजन
      • लाइफस्टाइल
    News Drift
    • ई पत्रिका
    • ई पेपर
    • खबर विशेष
    • खेल
    • दुनिया
    • बिजनेस
    • मनोरंजन
    • राज्य
    • उत्तरप्रदेश
    • उत्तराखंड
    • गुजरात
    • बिहार
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
    • राष्ट्रीय
    • लाइफस्टाइल
    • शिक्षा
    • शॉर्ट्स
    • सोशल
    • स्वास्थ्य
    Home»राष्ट्रीय»वेस्ट एशिया संकट के बीच एलपीजी पर सरकार की बड़ी तैयारी: उत्पादन 25% बढ़ा, घबराकर बुकिंग न करने की अपील
    वेस्ट एशिया संकट के बीच एलपीजी पर सरकार की बड़ी तैयारी: उत्पादन 25% बढ़ा, घबराकर बुकिंग न करने की अपील

    वेस्ट एशिया संकट के बीच एलपीजी पर सरकार की बड़ी तैयारी: उत्पादन 25% बढ़ा, घबराकर बुकिंग न करने की अपील

    0
    By News Drift on March 12, 2026 राष्ट्रीय, लाइफस्टाइल
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email Telegram WhatsApp Copy Link

    पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में समुद्री यातायात बाधित होने के कारण दुनिया भर में ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ रहा है। भारत भी इससे अछूता नहीं है, क्योंकि देश की बड़ी मात्रा में रसोई गैस (LPG) खाड़ी देशों से आती है। इस स्थिति को देखते हुए भारत सरकार ने आपात कदम उठाते हुए घरेलू एलपीजी उत्पादन में लगभग 25% की वृद्धि कर दी है और नागरिकों से घबराकर सिलेंडर बुकिंग न करने की अपील की है।

    सरकार का कहना है कि घरेलू उपभोक्ताओं को फिलहाल गैस की आपूर्ति सामान्य है और अधिकांश शहरों में सिलेंडर की डिलीवरी सामान्य समय—लगभग ढाई दिन—में की जा रही है।

    संकट की जड़: वेस्ट एशिया युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य

    भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर मौजूदा संकट का सीधा संबंध पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष से है।
    होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्ग माना जाता है, जहां से वैश्विक तेल और गैस का बड़ा हिस्सा गुजरता है। हालिया संघर्ष के कारण इस मार्ग से जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी अस्थिरता पैदा हो गई है।

    भारत के लिए यह मार्ग विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि देश अपनी कुल एलपीजी जरूरत का लगभग 60% आयात करता है, और इनमें से लगभग 90% आयात इसी जलडमरूमध्य से होकर आते हैं।

    इस कारण वैश्विक आपूर्ति में थोड़ी सी भी बाधा भारत जैसे बड़े आयातक देश पर तुरंत असर डाल सकती है।

    सरकार ने उठाए आपात कदम

    पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, मौजूदा स्थिति को देखते हुए कई आपात उपाय लागू किए गए हैं।

    1. घरेलू उत्पादन में 25% वृद्धि

    रिफाइनरियों को निर्देश दिया गया है कि वे अधिकतम क्षमता पर काम करें और पेट्रोकेमिकल उत्पादन में इस्तेमाल होने वाली गैस को भी एलपीजी उत्पादन की ओर मोड़ें। इससे घरेलू उत्पादन में लगभग 25% की बढ़ोतरी हुई है।

    2. आवश्यक वस्तु अधिनियम का इस्तेमाल

    सरकार ने Essential Commodities Act के तहत एलपीजी को प्राथमिकता देते हुए घरेलू उपभोक्ताओं को आपूर्ति सुनिश्चित करने का फैसला किया है। इसके तहत औद्योगिक और व्यावसायिक उपयोग के मुकाबले घरेलू गैस को प्राथमिकता दी जा रही है।

    3. बुकिंग अंतराल बढ़ाया गया

    घबराकर सिलेंडर जमा करने की प्रवृत्ति को रोकने के लिए घरेलू एलपीजी सिलेंडर की अगली बुकिंग के बीच का न्यूनतम अंतर 21 दिनों से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है।

    4. जमाखोरी और कालाबाजारी पर निगरानी

    कई राज्यों में प्रशासन ने गैस एजेंसियों और गोदामों पर छापे मारकर जमाखोरी और अवैध उपयोग की जांच शुरू की है।

    घरेलू उपभोक्ताओं को राहत, लेकिन व्यवसाय प्रभावित

    भारत में एलपीजी का इस्तेमाल करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं की संख्या 33 करोड़ से अधिक है, इसलिए सरकार की पहली प्राथमिकता घरेलू रसोई गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।

    हालांकि इस नीति का असर व्यावसायिक क्षेत्रों पर पड़ने लगा है।

    कई शहरों में होटल, ढाबे, कैटरिंग सेवाएं और छोटे रेस्तरां व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर की कमी से जूझ रहे हैं। उदाहरण के तौर पर उत्तर प्रदेश के कुछ शहरों में होटल और कैटरिंग उद्योग ने चेतावनी दी है कि यदि स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई तो कई छोटे प्रतिष्ठानों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ सकता है।

    कुछ व्यवसाय अब वैकल्पिक ईंधन—जैसे कोयला, लकड़ी या बिजली—का इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं।

    क्यों बढ़ रही है एलपीजी को लेकर चिंता

    एलपीजी भारत में सबसे व्यापक रूप से इस्तेमाल होने वाला रसोई ईंधन है।
    उज्ज्वला योजना और शहरीकरण के कारण पिछले दशक में एलपीजी उपभोक्ताओं की संख्या तेजी से बढ़ी है।

    ऐसे में यदि आयात प्रभावित होता है तो पूरे देश में आपूर्ति पर दबाव पड़ सकता है।

    विशेषज्ञों के अनुसार वर्तमान संकट ने भारत की ऊर्जा निर्भरता को भी उजागर किया है।

    • भारत अपनी एलपीजी जरूरत का लगभग 60% आयात करता है

    • इनमें से अधिकांश आयात खाड़ी देशों से आते हैं

    • वैश्विक युद्ध या समुद्री मार्ग अवरुद्ध होने पर आपूर्ति तुरंत प्रभावित होती है

    वैश्विक ऊर्जा बाजार पर असर

    पश्चिम एशिया के संघर्ष ने केवल भारत ही नहीं बल्कि पूरे एशिया के ऊर्जा बाजार को प्रभावित किया है।

    विश्लेषकों के अनुसार होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधा आने के कारण वैश्विक तेल कीमतें तेजी से बढ़ीं और कई देशों को अपने रणनीतिक तेल भंडार खोलने पड़े

    एशिया के कई देशों ने ऊर्जा संकट से निपटने के लिए अलग-अलग कदम उठाए हैं, जैसे—

    • रणनीतिक तेल भंडार जारी करना

    • ईंधन सब्सिडी देना

    • ऊर्जा बचत के लिए नीतियां लागू करना

    आगे की रणनीति: आयात के नए स्रोत

    भारत सरकार ने एलपीजी और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति सुरक्षित रखने के लिए वैकल्पिक स्रोतों और मार्गों की भी तलाश शुरू कर दी है।

    ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार भारत अब—

    • ऑस्ट्रेलिया

    • अमेरिका

    • ओमान

    • यूएई

    जैसे देशों से गैस आयात बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रहा है, ताकि किसी एक क्षेत्र पर निर्भरता कम हो सके।

    इसके अलावा देश में नए एलपीजी भंडारण टर्मिनल और बॉटलिंग प्लांट विकसित करने की योजनाओं पर भी विचार किया जा रहा है।

    उपभोक्ताओं के लिए सरकार की सलाह

    पेट्रोलियम मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराकर गैस सिलेंडर की बुकिंग न करें।

    सरकार का कहना है कि—

    • घरेलू गैस की आपूर्ति सामान्य है

    • वितरण प्रणाली काम कर रही है

    • आवश्यक होने पर अतिरिक्त आपूर्ति भी उपलब्ध कराई जाएगी

    यदि लोग घबराकर अधिक बुकिंग करते हैं तो इससे कृत्रिम कमी पैदा हो सकती है।

    निष्कर्ष

    वेस्ट एशिया में जारी संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा बाजार की संवेदनशीलता को एक बार फिर उजागर कर दिया है। भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए यह स्थिति ऊर्जा सुरक्षा की नई चुनौती बन सकती है।

    हालांकि सरकार द्वारा घरेलू उत्पादन बढ़ाने, आपूर्ति को प्राथमिकता देने और जमाखोरी रोकने जैसे कदमों से फिलहाल घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है।

    फिर भी यह संकट इस बात की याद दिलाता है कि भारत को भविष्य में ऊर्जा आयात पर निर्भरता कम करने और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को तेजी से विकसित करने की दिशा में और तेज कदम उठाने होंगे।

    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr WhatsApp Email
    Previous Articleतेहरान में ‘काली बारिश’ का खतरा: हवाई हमलों के बाद पर्यावरण और स्वास्थ्य पर मंडराता संकट
    Next Article 12वीं पास युवाओं के लिए बेहतरीन मौका: आधार सेवा केंद्रों में करियर और कमाई की पूरी जानकारी
    News Drift
    • Website

    Related Posts

    समंदर में भारत की ‘त्रिशक्ति’: INS अरिदमन और INS तारागिरी की कमीशनिंग से कांपेंगे दुश्मन

    April 4, 2026

    लांसेट की रिपोर्ट: बचपन में कैंसर से होने वाली 94% मौतें गरीब देशों में, भारत की स्थिति चिंताजनक

    April 4, 2026

    पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में बड़ी गिरावट

    April 4, 2026

    संसद का विशेष सत्र: महिला आरक्षण विधेयक और सीटों की संख्या बढ़ाने पर हो सकता है बड़ा फैसला

    April 3, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    आज के मौसम का हाल
    Free weather widget for website

    हमारी पसंद

    नोएडा श्रमिक प्रदर्शन: 9000 की तनख्वाह, 3000 की गैस और पुलिस की लाठियाँ

    April 16, 2026

    लखनऊ विकास प्राधिकरण में RTI की अनदेखी, आवेदक को नहीं मिल रहा जवाब

    April 15, 2026

    Lucknow News: लखनऊ नगर निगम की लापरवाही उजागर, नालियों की गंदगी सड़कों पर, शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं

    April 13, 2026

    उत्तर प्रदेश दुग्ध उत्पादन में नंबर-1, 40% वृद्धि के साथ बना देश का शीर्ष राज्य

    April 9, 2026
    हमारे साथ सोशल मीडिया पर जुड़े
    • Facebook
    • Twitter
    • Instagram
    • YouTube
    • Telegram
    • WhatsApp
    अपनी भाषा का चयन करें
    अब न्यूज़ ड्रिफ्ट आपके इनबॉक्स मैं

    हमारे बारे में – न्यूज़ ड्रिफ्ट
    हमारे बारे में – न्यूज़ ड्रिफ्ट

    न्यूज़ड्रिफ्ट एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म है जो आपको निष्पक्ष, सटीक और ताज़ा खबरें प्रदान करता है। हमारा उद्देश्य पाठकों तक देश-दुनिया की अहम घटनाओं, राजनीति, खेल, टेक्नोलॉजी, मनोरंजन और जीवनशैली की अपडेटेड जानकारी पहुँचाना है। विश्वसनीयता और पारदर्शिता हमारी सबसे बड़ी ताक़त है।

    Facebook X (Twitter) Instagram YouTube WhatsApp
    हमारी पसंद

    श्रमिक अधिकारों का नया युग: नई श्रम संहिताएँ लागू

    January 30, 2026

    लखनऊ एलडीए क्रिकेट स्टेडियम: गलियों से ग्राउंड तक, सपनों को मिल रहा मंच

    January 30, 2026

    वन्दे मातरम के 150 वर्ष

    January 30, 2026
    महत्वपूर्ण लिंक
    • नियम और शर्तें
    • गोपनीयता नीति
    • अस्वीकरण
    • हमारे साथ विज्ञापन करें
    • हमसे संपर्क करें
    © 2026 Newsdrift - All Right Reserved | Designed & Develoved By Aimsoftnet
    • नियम और शर्तें
    • गोपनीयता नीति
    • अस्वीकरण
    • हमारे साथ विज्ञापन करें
    • हमसे संपर्क करें

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.