देश में क्षेत्रीय तेज़ रफ्तार परिवहन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को दिल्ली–मेरठ नमो भारत RRTS (Regional Rapid Transit System) कॉरिडोर का उद्घाटन किया। यह देश का पहला क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम है, जिसकी कुल लंबाई 82 किलोमीटर है और इसे लगभग 30,000 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया गया है।
यह कॉरिडोर दिल्ली और मेरठ के बीच यात्रा समय को घटाकर एक घंटे से भी कम कर देता है, जिससे लाखों लोगों के लिए आवागमन पहले से कहीं अधिक आसान और तेज़ हो जाएगा।
इस परियोजना में कुल 16 स्टेशन बनाए गए हैं, जो साहिबाबाद, गाजियाबाद और मोदीनगर जैसे प्रमुख शहरी केंद्रों को जोड़ते हैं। इससे अब मेरठ या आसपास के क्षेत्रों में रहकर दिल्ली में काम करना संभव हो सकेगा, जिससे क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलेगी।
प्रधानमंत्री ने उद्घाटन के दौरान कहा कि नमो भारत ट्रेन, मेरठ मेट्रो और RRTS के नए सेक्शन से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के लोगों का जीवन और अधिक सरल, सुगम और सुविधाजनक बनेगा।
इससे पहले न्यू अशोक नगर से मेरठ साउथ के बीच 55 किलोमीटर का हिस्सा चालू किया जा चुका था। रविवार को दिल्ली में सराय काले खां और न्यू अशोक नगर के बीच 5 किलोमीटर के हिस्से तथा उत्तर प्रदेश में मेरठ साउथ से मोदीपुरम के बीच 21 किलोमीटर के हिस्से का उद्घाटन किया गया।
इसके अलावा, 23 किलोमीटर लंबी मेरठ मेट्रो लाइन का भी उद्घाटन किया गया, जो मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक फैली हुई है। यह मेट्रो लाइन नमो भारत RRTS के साथ ही ट्रैक और इंफ्रास्ट्रक्चर साझा करेगी, जिससे यातायात व्यवस्था और अधिक प्रभावी बनेगी।
नमो भारत RRTS एक हाई-स्पीड और हाई-फ्रीक्वेंसी ट्रांजिट सिस्टम है, जिसकी डिजाइन स्पीड 180 किमी/घंटा और औसत गति लगभग 90 किमी/घंटा है। इस कॉरिडोर पर स्टेशन लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं और ट्रेनें हर 8–10 मिनट के अंतराल पर संचालित होंगी।
किराया लगभग 20 रुपये से 210 रुपये के बीच रखा गया है, जबकि प्रीमियम कोच के लिए यात्रियों को मानक किराए से लगभग 20 प्रतिशत अधिक भुगतान करना होगा।
इस परियोजना के लिए कुल लागत का लगभग 9,000 करोड़ रुपये ऋण के रूप में एशियन डेवलपमेंट बैंक, और 4500 – 4500 करोड़ रुपये न्यू डेवलपमेंट बैंक और एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक से प्राप्त किया गया है, जबकि शेष 40 % में 20 % राशि केंद्र सरकार, 16.78 % उत्तर प्रदेश सरकार और 3.22 % दिल्ली सरकार द्वारा वहन की गई है।
दिल्ली–मेरठ कॉरिडोर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रस्तावित कई RRTS लाइनों में से पहला है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र के विभिन्न शहरों को तेज़ और आधुनिक परिवहन नेटवर्क से जोड़ना है। यह परियोजना नए उद्योगों और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगी।
यह पहल भारत को आधुनिक, तेज़ और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
रवि कान्त त्रिपाठी
