उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में ईंधन की कमी की अफवाहों के चलते लगातार दूसरे दिन पेट्रोल पंपों पर वाहनों की भारी भीड़ देखी गई। हालांकि, प्रशासन और तेल कंपनियों ने जनता को भरोसा दिलाया है कि राज्य में ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और घबराने (पैनिक बाइंग) की कोई आवश्यकता नहीं है।
अफवाहों का बाज़ार गर्म, प्रशासन मुस्तैद
ईंधन की कमी की खबरों के बीच लखनऊ, सीतापुर और पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों (गोरखपुर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर) में लोग अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल कराने के लिए उमड़ पड़े। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने पेट्रोल पंपों की निगरानी के लिए विशेष टीमें तैनात की हैं ताकि आपूर्ति में कोई व्यवधान न आए।
क्या कहते हैं आंकड़े?
तेल कंपनियों और एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने स्थिति स्पष्ट करते हुए निम्नलिखित जानकारी दी:
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पेट्रोल पंपों का स्टॉक: यूपी के लगभग 13,000 पेट्रोल पंपों पर फिलहाल 4 से 5 दिनों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
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डिपो का स्टॉक: मुख्य तेल डिपो में पेट्रोल और डीजल का संयुक्त स्टॉक लगभग 18 दिनों के लिए सुरक्षित है।
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कच्चे तेल की आवक: इंडियन ऑयल (IOC) के अधिकारी संजय भंडारी के अनुसार, कच्चे तेल की आवक नियमित है और आपूर्ति श्रृंखला में कोई बाधा नहीं है।
LPG की स्थिति और कमर्शियल राहत
लेख में रसोई गैस (LPG) की आपूर्ति पर भी चर्चा की गई है:
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राज्य में प्रतिदिन लगभग 11 लाख सिलेंडरों की बुकिंग हो रही है, जबकि आपूर्ति 7 लाख सिलेंडरों की है। लगभग 3.7 दिनों का बैकलॉग है, जिसे जल्द ही ठीक करने का दावा किया गया है।
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कमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए राहत: स्टील, फार्मा और टेक्सटाइल जैसे उद्योगों के लिए कमर्शियल एलपीजी आवंटन को औसत खपत के 20% से बढ़ाकर 70% कर दिया गया है ताकि उत्पादन प्रभावित न हो।
अपील: यूपी पेट्रोल पंप एसोसिएशन के उपाध्यक्ष सुधीर बोरा ने कहा कि ‘पैनिक बाइंग’ की स्थिति गुरुवार रात और शुक्रवार सुबह चरम पर थी, जो अब धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। उन्होंने लोगों से केवल जरूरत के हिसाब से ईंधन खरीदने का आग्रह किया है।
