नेपाल की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत करते हुए, ‘रैपर’ से राजनेता बने बालेन शाह (बालेंद्र शाह) ने शुक्रवार को देश के 43वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। पांच महीने से चल रही राजनीतिक अनिश्चितता और छात्र विरोध प्रदर्शनों के बाद केपी ओली सरकार के हटने के बाद बालेन शाह ने सत्ता संभाली है।
शपथ ग्रहण समारोह
नेपाल के राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल ने शीतल निवास में आयोजित एक समारोह में बालेन शाह को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। समारोह के दौरान वैदिक मंत्रों और बौद्ध धर्मग्रंथों का पाठ किया गया। गौरतलब है कि बालेन शाह अगले महीने 36 वर्ष के होने जा रहे हैं, जो उन्हें देश के सबसे युवा प्रधानमंत्रियों में से एक बनाता है।
नई कैबिनेट की संरचना
प्रधानमंत्री शाह के साथ 14 अन्य मंत्रियों ने भी शपथ ली, जिनमें 5 महिलाएं शामिल हैं। कैबिनेट के प्रमुख चेहरों में शामिल हैं:
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डॉ. स्वर्णिम वाग्ले: वित्त मंत्री (हार्वर्ड के पूर्व छात्र)
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शिशिर खनाल: विदेश मंत्री (विस्कॉन्सिन विश्वविद्यालय के स्नातक)
अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बालेन शाह को बधाई देते हुए ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि वे दोनों देशों के संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए मिलकर काम करने को उत्सुक हैं। इसके अलावा पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, चीन के विदेश मंत्रालय और अमेरिकी दूतावास ने भी नई सरकार का स्वागत किया है।
पहली कैबिनेट बैठक के बड़े फैसले
शपथ ग्रहण के तुरंत बाद हुई पहली कैबिनेट बैठक में सरकार ने पिछली सरकार के उन अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू करने का निर्णय लिया है, जो प्रदर्शनकारियों पर हुए दमन के लिए जिम्मेदार थे। साथ ही, सरकार ने अपने पहले 100 दिनों के लिए एक ‘एक्शन प्लान’ भी तैयार किया है।
विशेष तथ्य: बालेन शाह की पार्टी, राष्ट्रिय स्वतंत्र पार्टी (RSP) ने 5 मार्च को हुए चुनावों में भारी बहुमत हासिल किया है। पार्टी ने 275 सीटों में से 182 सीटें जीतकर नेपाल की पहली एकल-पार्टी सरकार बनाई है।
