उत्तर प्रदेश को रक्षा उत्पादन का हब बनाने के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन को लेकर राज्य सरकार अब सख्त रुख अपना रही है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) ने डिफेंस कॉरिडोर के विभिन्न नोड्स में निवेश की शर्तों का उल्लंघन करने और जमीन खाली रखने वाली 4 बड़ी कंपनियों के आवंटन रद्द कर दिए हैं।
क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?
UPEIDA द्वारा की गई एक व्यापक समीक्षा में पाया गया कि इन इकाइयों ने जमीन आवंटित होने के वर्षों बाद भी धरातल पर कोई खास प्रगति नहीं की। अधिकारियों के अनुसार, इन कंपनियों ने न तो समय पर निवेश किया, न ही निर्धारित समयसीमा के भीतर निर्माण कार्य शुरू किया।
किन कंपनियों पर गिरी गाज?
रद्द किए गए आवंटनों में कानपुर और अलीगढ़ नोड की प्रमुख कंपनियां शामिल हैं:
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M/s Kungarmar Private Limited (कानपुर नोड): इसे 2021 में रक्षा वस्त्र (Defence Textiles) निर्माण के लिए जमीन दी गई थी। कंपनी ने 5 साल बाद भी बिल्डिंग प्लान जमा नहीं किया और न ही लीज रेंट का भुगतान किया।
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M/s P2 Logitech Private Limited (अलीगढ़ नोड): ऑप्टिकल साइट्स बनाने का प्रस्ताव देने वाली इस कंपनी ने न तो बकाया चुकाया और न ही कोई निर्माण गतिविधि शुरू की।
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M/s Tractrix Opto Dynamics LLP (अलीगढ़ नोड): सटीक ऑप्टिकल उपकरण बनाने के लिए आवंटित जमीन पर अनिवार्य बिल्डिंग प्लान जमा करने में विफल रही।
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M/s Milkor Defence Private Limited: ग्रेनेड लॉन्चर बनाने की सुविधा प्रस्तावित करने वाली इस कंपनी ने लीज की शर्तों और भुगतान के नियमों का पालन नहीं किया।
सरकार का कड़ा संदेश: “सिर्फ गंभीर निवेशक ही टिकेंगे”
UPEIDA के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (ACEO) शशांक चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि रक्षा गलियारे की जमीन का रणनीतिक उपयोग जरूरी है। अधिकारियों ने कहा:
“बार-बार नोटिस देने और सुनवाई के अवसर देने के बावजूद इन फर्मों ने कोई सक्रियता नहीं दिखाई। देरी से न केवल स्थानीय आर्थिक गतिविधि रुकती है, बल्कि महत्वपूर्ण भूमि का भी अकुशल उपयोग होता है।”
डिफेंस कॉरिडोर का महत्व
उत्तर प्रदेश का डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर केंद्र सरकार की ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल का एक प्रमुख हिस्सा है। इसके 6 नोड्स (लखनऊ, कानपुर, झांसी, अलीगढ़, आगरा और चित्रकूट) को एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। सरकार यहां प्लग-एंड-प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर और सब्सिडी वाली जमीन देकर घरेलू रक्षा आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना चाहती है।
निष्कर्ष
UPEIDA की इस कार्रवाई ने अन्य निवेशकों को भी स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकार केवल उन्हीं कंपनियों को प्रोत्साहन देगी जो समय पर प्रोजेक्ट पूरा करने और रोजगार सृजन के प्रति गंभीर हैं। अब इन खाली हुई जमीनों को उन नए निवेशकों को आवंटित किया जाएगा जो रक्षा क्षेत्र में तेजी से काम करना चाहते हैं।
