सिडनी/वेलिंगटन: न्यूजीलैंड की राजनीति का सबसे बड़ा चेहरा रहीं पूर्व प्रधानमंत्री जैसिंडा अर्डर्न ने अब खुद को उन हजारों न्यूजीलैंड वासियों की सूची में शामिल कर लिया है, जो बेहतर अवसरों की तलाश में देश छोड़ रहे हैं। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अर्डर्न अपने परिवार के साथ ऑस्ट्रेलिया में बसने की तैयारी कर चुकी हैं।
आर्थिक संकट और पलायन का ट्रेंड
न्यूजीलैंड वर्तमान में एक कमजोर लेबर मार्केट और सुस्त पड़ती अर्थव्यवस्था से जूझ रहा है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार:
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अक्टूबर 2025 को समाप्त हुए वर्ष में न्यूजीलैंड की 1% से अधिक आबादी देश छोड़ चुकी है।
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इनमें से लगभग आधे लोग पड़ोसी देश ऑस्ट्रेलिया का रुख कर रहे हैं।
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मुख्य कारण: ऊंचे वेतन, बेहतर आर्थिक अवसर और धूप वाला खुशनुमा मौसम।
सिडनी के पास नया आशियाना?
मीडिया रिपोर्ट्स और स्थानीय चर्चाओं के अनुसार, जैसिंडा अर्डर्न को सिडनी के दक्षिण में स्थित एक शांत तटीय शहर गेरिंगोंग (Gerringong) में संपत्तियां देखते हुए पाया गया है। अर्डर्न के प्रवक्ता ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि वह और उनका परिवार फिलहाल “कुछ समय के लिए” ऑस्ट्रेलिया में ही रहेंगे, क्योंकि उनके परिवार का काम वहीं केंद्रित है।
अर्डर्न का अब तक का सफर
2017 से 2023 तक न्यूजीलैंड का नेतृत्व करने वाली जैसिंडा अर्डर्न के नाम कई उपलब्धियां रहीं:
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संकट प्रबंधन: कोविड-19 महामारी, क्राइस्टचर्च मस्जिद हमला और घातक ज्वालामुखी विस्फोट के दौरान उनके नेतृत्व की दुनिया भर में सराहना हुई।
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ऐतिहासिक पद: वह दुनिया की सबसे कम उम्र की महिला शासनाध्यक्षों में से एक थीं और पद पर रहते हुए बच्चे को जन्म देने वाली दशकों में पहली वैश्विक नेता बनीं।
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अंतरराष्ट्रीय भूमिकाएं: राजनीति छोड़ने के बाद, वे प्रिंस विलियम के ‘अर्थशॉट प्राइज’ की ट्रस्टी बनीं और हार्वर्ड व ऑक्सफोर्ड जैसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में फेलोशिप हासिल की।
विशेषज्ञों की राय
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अर्डर्न जैसी प्रभावशाली हस्ती का ऑस्ट्रेलिया जाना न्यूजीलैंड की वर्तमान आर्थिक स्थिति पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है। यह कदम उस “ब्रेन ड्रेन” (प्रतिभा पलायन) को दर्शाता है जिससे न्यूज़ीलैंड वर्तमान में संघर्ष कर रहा है।
